#हिंदीहैंहमः हिंदी की महत्ता के लिए वक्ताओं ने रखे अपने विचार
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कासगंज केए पीजी कॉलेज में हिंदी के विकास में सिनेमा का योगदान विषय पर अंतरराष्ट्रीय ई-संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विद्वानों ने विचार व्यक्त किए।
संगोष्ठी का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. बीके तोमर ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. हरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि सिनेमा ने हिंदी के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत के बाहर भी हिंदी सिनेमा और हिंदी के गीतों को बहुत सुना और जाना जाता है। परिवारों में हिंदी के शब्दों का प्रयोग प्रचलन में लाना होगा।
फिल्म डायरेक्टर एवं प्रोड्यूसर विवेक शर्मा ने कहा कि उनकी फिल्म भूतनाथ में अमिताभ बच्चन ने कार्य किया है। वह स्वयं हिंदी के उच्चस्तरीय शब्दों का प्रयोग अपने दैनिक जीवन में भी करते हैं।
संगीतकार विष्णु नारायण ने कहा कि हिंदी फिल्मों के संगीत को हर युग में सुना जाएगा। फिल्म निर्देशक सुखविंदर सिंह ने कहा कि हिंदी सिनेमा ने हिंदी के विस्तार में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।
टीवी कलाकार विदित शर्मा ने हिंदी संगीत और हिंदी गीतों की चर्चा की। नीदरलैंड यूनिवर्सिटी की प्रो. पुष्पिता अवस्थी, प्रो. विवेकमणि त्रिपाठी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत बिसारिया, आरबीएस कॉलेज आगरा के प्रो. डा. युवराज सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमारी वर्मा ने समीक्षा प्रस्तुत की। तकनीकी संयोजक डा. प्रवीण यादव जी ने हिंदी के योगदान को रेखांकित किया। संचालन डॉ. पूनम रानी शर्मा ने किया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. राधा कृष्ण दीक्षित ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।