आगरा में उच्च शिक्षामंत्री योगेंद्र उपाध्याय के सामने शनिवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएड परीक्षा की पोल खुल गई। मंत्री ने परीक्षा के दौरान राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, फतेहाबाद का औचक निरीक्षण किया। 40 फीसदी से अधिक प्रवेशपत्रों पर परीक्षार्थियों के फोटो नहीं थे। कुछ परीक्षार्थी बिना प्रवेशपत्र के परीक्षा दे रहे थे। सीसीटीवी कैमरा कंट्रोल रूम से जुड़ा नहीं था। एक परीक्षार्थी को नकल सामग्री के साथ भी पकड़ा गया।
मंत्री ने कक्षों में जाकर परीक्षा की स्थिति देखी। परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्र पर फोटो न देख वह चौंके, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश को फोन करवाया। प्रवेशपत्र पर फोटो न होने का कारण पूछा। इस पर परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि एजेंसी की वजह से ऐसा हुआ है। मंत्री ने पूछा कि बिना फोटो के प्रवेशपत्र जारी करने पर एजेंसी का भुगतान क्यों नहीं रोका गया। निर्देश दिया कि दो दिन के अंदर जिन विद्यार्थियों के प्रवेशपत्र पर फोटो नहीं है, उनका सत्यापन संबंधित कॉलेज से कराया जाए। जो परीक्षार्थी बिना प्रवेशपत्र के बैठे थे, उनका प्रवेशपत्र जारी कराने के लिए कहा गया। इस पर परीक्षा नियंत्रक की ओर से बीएड व विधि कॉलेजों के प्राचार्यों को पत्र जारी कर परीक्षार्थियों का सत्यापन के निर्देश दिए।
मंत्री के निरीक्षण के दौरान ही एक परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़ा गया। उसके पास से नकल की पर्ची मिले। उसके खिलाफ अनफेयर मीन (नकल) में कार्रवाई की गई। वहीं, परिसर में अभिभावक व अवांछनीय तत्व उपस्थित थे, परीक्षा का माहौल ठीक नहीं पाया गया। मंत्री ने इस पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बाहरी लोगों को वहां से हटवाया। कॉलेज के स्टाफ की मंशा पर सवाल खड़े किए। विश्वविद्यालय के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आगामी परीक्षाएं पर्यवेक्षक की निगरानी में कराई जाएं। दो पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।
विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के संबंध में उच्च शिक्षामंत्री ने सोमवार (28 अगस्त) को सर्किट हाउस में सुबह 10:00 बजे बैठक बुलाई है। इसमें विश्वविद्यालय की कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को बुलाया गया है।