पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अब चरणबद्ध तरीके से लगवाई जा सकेंगी। एक दिसंबर से वाहन पर हाई सिक्योरिटी प्लेट नहीं लगे होने पर सिर्फ परिवहन विभाग से गाड़ी ट्रांसफर, फिटनेस टेस्ट, एनओसी लेने जैसे कामकाज नहीं होंगे। चालान एक मार्च 2021 के बाद से ही कटना शुरू होंगे।
परिवहन विभाग के शासनादेश के मुताबिक, सबसे पहले हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट 2005 तक पंजीकृत वाहनों में लगवाई जाएंगी। इसके बाद 2005 से 2010 के बीच और उसके बाद 2010 से 2015 व 2015 से 2019 के बीच पंजीकृत वाहनों में लगवाई जाएंगी।
कुल मिलाकर पांच-पांच वर्षों के हिसाब से शासन ने स्लैब तैयार किए हैं। हर स्लैब के वाहनों के लिए अलग-अलग समय सीमा निर्धारित की है। शासनादेश में साफ है कि एक दिसंबर के बाद बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगे वाहनों का आरटीओ में ट्रांसफर, फिटनेस का काम नहीं होगा।
शेवरले, मित्सुबिसी, डेबू, मटीज जैसी वाहन निर्माता कंपनी अब भारत से अपना कारोबार समेट चुकी हैं। इसके चलते इनके डीलर भी नहीं रहे। जबकि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाहन जिस कंपनी का है, उसी के अधिकृत डीलर के पास लगनी है। इन कंपनियों के वाहनों के लिए दूसरे डीलरों और वेंडरों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल इन कंपनियों के वाहनों को नंबर प्लेट के नियमों के दायरे से अलग रखा जाएगा।
पहली बार में पांच और दूसरी बार में 10 हजार का जुर्माना
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चालान को लेकर आरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि इसके उल्लंघन पर पहली बार में 5 हजार व दूसरी बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना होगा।
कौन से वाहन कब तक लगवा सकते हैं हाई सिक्योरिटी प्लेट
1 अप्रैल 2005 से पहले पंजीकृत वाहन 31 मार्च 2021 तक लगवा सकते हैं। (केवल व्यावसायिक वाहन)
1 अप्रैल 2005 से 31 मार्च 2010 के बीच पंजीकृत वाहन 31 मई 2021 तक लगवा सकते हैं।
1 अप्रैल 2010 से 31 मार्च 2015 के बीच पंजीकृत वाहन 31 जुलाई 2021 तक लगवा सकते हैं।
1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2019 के बीच पंजीकृत वाहन 30 सितंबर 2021 तक लगवा सकते हैं।
मैक्स, टाटा 407 आदि ऐसे मालवाहक वाहन जिनका माल व वाहन का वजन 7500 किलोग्राम निर्धारित है। उनको 28 फरवरी 2021 तक का समय हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए दिया गया है। इस तिथि के बाद उनके चालान कटना शुरू हो जाएगा।
एआरटीओ (प्रशासन) अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पुराने वाहनों में हाई सिक्योरिटी प्लेट आसानी से उपलब्ध कराने को अब वेंडरों को भी जिम्मेदारी दे दी गई है। एक दिसंबर से आरटीओ संबंधी कार्य पुराने वाहनों के नहीं हो सकेंगे। आगरा में 15 साल पुराने वाहनों की नंबर प्लेट केवल व्यावसायिक वाहनों में ही लग सकेगी।