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आगरा: अदालत में पुलिसकर्मी की वर्दी उतरवाने वाले जज का तबादला, हाईकोर्ट ने महोबा भेजा

Sun, 28 Jul 2019 10:09 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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सांकेतिक तस्वीर
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आगरा में तैनात एसीजेएम संतोष कुमार यादव का हाईकोर्ट ने महोबा स्थानांतरण कर दिया है। वो यहां किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष थे। उनको महोबा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का सचिव बनाया गया है। यह पद रिक्त चल रहा था। 

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मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर के आदेश पर महानिबंधक मयंक कुमार जैन ने उनके स्थानांतरण का आदेश जारी किया। वर्दी मामले की एसएसपी बबलू कुमार ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, प्रशासनिक जज और जिला जज को रिपोर्ट भेजी थी।  

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि रिपोर्ट में सिपाही घूरेलाल के बयान के साथ ही पूरे प्रकरण की जानकारी दी गई थी। तीन लाइन में यह भी लिखा है कि घटना से पुलिस फोर्स में असंतोष की स्थिति है। पुलिस कर्मी आहत और दुखी हैं। उनके मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। 24 घंटे के अंदर न्यायिक अधिकारी का तबादला हो गया है। इसलिए माना जा रहा है कि उनका तबादला इसी कारण हुआ है।

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यह है मामला

मामले के अनुसार, शुक्रवार की सुबह सिपाही राजेश कुमार, आलोक भारती और मनीष कुमार जिला जेल से दो बाल अपचारियों को वज्र वाहन से मलपुरा के सिरौली स्थित किशोर न्याय बोर्ड ले जा रहे थे। वाहन सिपाही घूरेलाल चला रहे थे। 

मलपुरा क्षेत्र में सिरौली जाने वाली लिंक रोड पर पीछे आ रही न्यायिक अधिकारी की कार को दो किलोमीटर तक वो साइड नहीं दे सके। कोर्ट पहुंचने पर न्यायिक अधिकारी ने चालक घूरेलाल को तलब कर लिया। 

घूरेलाल ने एसएसपी को बताया था कि न्यायिक अधिकारी ने नौकरी से निकलवाने को कहा। टोपी, बेल्ट और शर्ट उतारने का आदेश दिए। डर की वजह से उन्होंने वर्दी उतार दी। वो डेढ़ घंटे तक उसी हालत में खड़े रहे। किसी ने यूपी 100 पर कॉल करके घटना की जानकारी दी। सीओ अछनेरा नम्रता श्रीवास्तव वहां पहुंचीं। तब कहीं जाकर सिपाही वर्दी पहन पाया। 
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