13 साल पहले जिस तरह ताज हेरीटेज कारीडोर की आड़ में व्यावसायिक गतिविधि के संचालन की योजना बनी, ठीक उसी तरह अब वैश्य बोर्डिंग हाउस को हेरीटेज सेंटर की शक्ल देने की तैयारी है। फर्क सिर्फ इतना है कि तब प्रदेश में बसपा की सरकार थी और सपा की। खास बात यह है कि इस जमीन का स्वामित्व तक स्पष्ट नहीं है। हालांकि केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया और सांसद चौधरी बाबूलाल सहित 30 लोगों ने सपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर आपत्ति दर्ज करा दी है।
बता दें कि इस साल की शुरुआत में आगरा आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीपीपी (प्राइवेट पब्लिक पार्टिनरशिप) मॉडल के तहत सेंट चौराहा स्थित वैश्य बोर्डिंग हाउस को हेरीटेज सेंटर में तब्दील करने की घोषाणा की थी। इसके बाद आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) सरकार के इस सपने को साकार करने में जुट गया। एडीए ने हेरीटेज सेंटर के लिए उक्त भूखंड पर वैश्य बोर्डिंग हाउस की सुपरिंटेंडेंट मालती गुप्ता को मानचित्र स्वीकृति के संबंध में पत्र लिखा। जबकि 13 जनवरी 2015 को जिलाधिकारी पंकज कुमार ने आवास एवं शहरी नियोजन के प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर कहा था कि वर्तमान सुपरिंटेंडेंट की नियुक्ति किस अधिकार से हुई है, यह स्पष्ट नहीं है। फिर भी एडीए ने चार फरवरी 2016 को इस जमीन पर हेरीटेज सेंटर के लिए दाखिल किए गए मानचित्र के संबंध में लोगों से आपत्तियां मांग लीं। हालांकि इस पर शहर के तमाम प्रतिष्ठित लोगों ने आपत्ति दर्ज करा दी है। इस पर 12 मई को एडीए में सुनवाई भी है।
10,972 वर्ग मीटर जगह है वैश्य बोर्डिंग हाउस में
80 हजार प्रति वर्ग मीटर रुपये (लगभग) है सर्किल रेट
90 करोड़ रुपये (लगभग) की है जमीन
91.50 करोड़ रुपये है प्रोजेक्ट की कुल लागत
180 साल पुराना है वैश्य बोर्डिंग हाउस
सोसायटी पर भी आपत्ति
आपत्ति दर्ज कराने वालों में से अधिकांश ने वैश्य बोर्डिंग हाउस की सोसायटी पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि कागजों में खेल करने के लिए इसी से मिलती जुलती वैश्य बोर्डिंग हाउस (वीबीएच) गठित कर दी गई है, जिसका इससे कोई लेना-देना नहीं है।
राजेंद्र ने जताया अपना हक
वैश्य बोर्डिंग हाउस की वर्तमान सुपरिंटेंडेंट मालती गुप्ता को विरासत के तौर पर यह जिम्मेदारी मिली है। अवकाश प्राप्त प्रवक्ता राजेंद्र कुमार अग्रवाल ने आपत्ति में इसको चुनौती दी है। उन्होंने वर्ष 1940 की एक तस्वीर संलग्न कर दावा किया है कि तब उनके पिता पुरुषोत्तम दास वार्डन थे और उनके ताऊ बीएल वैश्य संरक्षक थे। इसके आधार पर सोसायटी पर उनका हक है।
इन्होंने जताई आपत्ति
केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया, सांसद चौधरी बाबूलाल, विधायकगण योगेंद्र उपाध्याय, जगन प्रसाद गर्ग व गुटियारी लाल दुबेश, समाजसेवी रवि गांधी, आगरा कालेज प्राचार्य डा. मनोज रावत, सतीश मांगलिक, प्रो. राजेंद्र कुमार अग्रवाल, अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय प्रधान सचिव रवि प्रकाश अग्रवाल, अग्रवाल महासभा के अध्यक्ष दिनेश बंसल कातिब, ललित कुमार शाह, सेवानिवृत्त एएसआई अधिकारी एनके भारद्वाज, सीएल वर्मा, अग्रवाल संगठन के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद, अग्रमाधवी चेरीटेबिल ट्रस्ट अध्यक्ष भगवान दास बंसल, अधिवक्ता अशोक कुमार कुलश्रेष्ठ, व्यवसायी अशोक मल्होत्रा, जगमीत सिंह गुलाटी, विष्णु प्रसाद, संजय गोयल, उमेश खंडेलवाल, एसके संभरवाल, डा. पीसी माहेश्वरी, ओएस गर्ग, सुरेश चंद अग्रवाल, एससी गुप्ता, ओम शर्मा, सुरेश चंद अग्रवाल।
ये है हेरीटेज सेंटर योजना
. 300 लोगों के बैठने की क्षमता वाला ऑडोटोरियम, लागत 3.60 करोड़ रुपये।
. 5000 वर्ग फुट क्षेत्रफल में आर्ट गैलरी, लागत 1.00 करोड़ रुपये।
. 10 से 80 लोगों के बैठने की क्षमता वाला कांफ्रेंस हॉल, लागत 1.00 करोड़ रुपये।
. 7.500 वर्ग फुट में पुस्तकालय, लागत 1.35 करोड़ रुपये।
. 40,000 वर्ग फुट में चार मंजिला व्यावसायिक इमारत, लागत 9.00 करोड़ रुपये।
. 40 कमरों की रेजिडेंशियल सुविधा, लागत 3.00 करोड़ रुपये।
. 10,000 वर्ग फुट में दो रेस्टोरेंट, लागत 2.00 करोड़ रुपये।
. 4000 वर्ग फुट में कैफेटेरिया, लागत 40 लाख रुपये।
. 250 वाहनों के लिए पार्किंग, लागत 9.00 करोड़ रुपये।
हेरीटेज सेंटर के संबंध में लोगों से आपत्तियां मांगी गई थीं, इन पर सुनवाई होनी है। पक्ष और विपक्ष दोनों की सुनी जाएगी। इसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। फिलहाल एडीए के पास हेरीटेज सेंटर का वर्ष 2010 में तैयार किया गया प्रोजेक्ट ही है।
- एनके चौधरी, अधिशासी अभियंता