जिला अस्पताल परिसर में बनी कैंसर यूनिट।
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मैनपुरी। 13 साल बाद कैंसर यूनिट को संचालित करने के लिए फिर से प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। शासन ने यूनिट की जांच के लिए एक टीम गठित की है। विशेषज्ञों की यह टीम 27 और 28 जून को जिले में पहुंचकर कैंसर यूनिट में लगी मशीनों की जांच करेगी।
जिले में कैंसर के मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए वर्ष 2005 में कैंसर यूनिट के लिए सात करोड़ की धनराशि जारी की गई थी। वर्ष 2008 में बनकर तैयार हुई कैंसर यूनिट को शुरू करने के प्रयास एक बार फिर से शासन और विभाग ने शुरू कर दिए हैं।
इसके लिए शासन से सीएमएस को निर्देश जारी किए हैं। शासन से भेजी गई विशेषज्ञों की एक टीम 27 और 28 जून को जिले में पहुंचकर कैंसर यूनिट में लगी मशीनों की जांच करेगी। इसके बाद आगे यूनिट को संचालन करने की कार्रवाई की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता को सीएमएस ने लिखा पत्र
कैंसर यूनिट का बिल जमा करने के बाद भी अभी तक बिजली विभाग ने यूनिट का कनेक्शन नहीं जोड़ा है। इस संबंध में सीएमएस ने अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर 25 जून तक हर हाल में कनेक्शन जोड़े जाने की बात कही है। अन्यथा की स्थिति में उच्चाधिकारियों को शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
ग्वालियर और दिल्ली कराना पड़ रहा है उपचार
जिले में कैंसर यूनिट होने के बाद भी कैंसर पीड़ित मरीजों को दिल्ली व ग्वालियर में उपचार कराना पड़ रहा है। जिले में कैंसर के मरीजों की संख्या कम नहीं है। 500 से अधिक लोग वर्तमान में जिले में कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। जिन्हें सिकाई आदि के लिए ग्वालियर और दिल्ली जाना पड़ता है।