बुखार, जुकाम-खांसी... कहीं स्वाइन फ्लू तो नहीं। एसएन मेडिकल कालेज पहुंचने वाले अधिकांश मरीजों की यही आशंका है। इससे निपटने को स्क्रीनिंग कमेटी बनेगी, जो मरीजों की जांच कर फ्लू की संभावना पर इलाज शुरू करने की संस्तुति देगी। सोमवार को एसएन के एलटी फोर में फैकल्टी सदस्याें के साथ आपात बैठक कर प्राचार्य ने निर्णय लिया है। चार दिनों में 20 संदिग्ध मरीज सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ था। सोमवार को एक भी संदिग्ध मामला न आने पर चिकित्सकों ने राहत की सांस ली।
स्क्रीनिंग कमेटी में मेडिसिन विभाग, बाल रोग विभाग और माइक्रोबायोलॉजी विभाग के चिकित्सक संभावित मरीज से आउट ऑफ स्टेशन घूमने, सूअर पालक या फिर उसके आसपास रहने जैसी जानकारी जुटाएंगे। लक्षणाें को देख सैंपल लिए जाएंगे। सामान्य वायरल पर ओपीडी में इलाज होगा। प्राचार्य डा. अजय अग्रवाल ने बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी की जांच से मरीजों की आशंका का भी निदान होगा। संभावित मरीज का भी पता लगाया जा सकेगा।
बैठक में बाल रोग विभागाध्यक्ष डा. राजेश्वर दयाल, स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डा. सरोज सिंह, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डा. अंकुर गोयल, डा. नीरज यादव, डा. अंजना पांडे रहे।