सावधान रहिए आपके मोबाइल पर कभी भी पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी बनकर कॉल आ सकती है। आपको डराया धमकाया जा सकता है। घबराएं नहीं इस मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दें। इन दिनों साइबर अपराधियों ने इस तरह का नया ट्रेंड शुरू किया है। अब तक कई लोग कॉल के शिकार हो चुके हैं।
क्षेत्र के गांव अमरपुर निवासी विकास राजपूत सहायक अध्यापक पटियाली ब्लॉक के गांव बरूईपुर में तैनात हैं। शनिवार की दोपहर अपने विद्यालय से वापस घर लौट रहे थे। तभी उनका मोबाइल पर कॉल आई, दूसरी ओर से बताया गया कि लखनऊ क्राइम ब्रांच प्रभारी बोल रहे हैं। उनसे कहा गया कि आपने किसी को गाली गलौज दी है, अपशब्द कहे हैं। जिसका वीडियो भी पीड़ित ने लखनऊ क्राइम ब्रांच को भेजा है। आपके खिलाफ कार्रवाई होगी। पहले तो शिक्षक घबरा गया लेकिन बाद में उसने समझा और कई सवाल जवाब किए। जिसके बाद कॉल कट गई। शिक्षक ने घटना की जानकारी अपने इष्ट मित्रों और परिजनों को दी। इसके बाद कोतवाली कासगंज में घटनाक्रम से संबंधित तहरीर दी। संबंधित मोबाइल नंबर भी बताया है।
पहले भी आए हैं इस तरह के मामले सामने
फर्जी कॉल कर ठगी करने या ठगी के प्रयास करने के कई मामले प्रकाश में आ चुके हैं। पिछले माह सहावर गेट निवासी महिला को उसके बच्चे की पकड़ के बहाने रुपये की मांग की गई। अमांपुर के व्यापारी को भी फर्जी कॉल कर शिकार बनाकर उनसे लाखों रुपए की ठगी कर ली गई थी। चित्रगुप्त कालोनी के दुध करोबारी पर भी फर्जी कॉल आया, लेकिन सावधानी के चलते वह ठगी के शिकार होने से बच गए। साइबर क्राइम कि इस तरह की वारदातों से बचने के लिए सावधान रहने की जरूरत है।
फर्जी कॉल पर विचलित न हो
सीओ सदर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि साइबर अपराध के मामले बढ़ रहे हैं। अपराधियों ने ट्रेंड चेंज कर दिया है। अब वह पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के नाम से लोगों को अपने ठगी का शिकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। लोग ऐसी फर्जी कॉल पर विचलित न हो संयम से काम ले और इसकी जानकारी संबंधित क्षेत्र की पुलिस को दें। पुलिस सहयोग करेगी।