मैनपुरी/किशनी। विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत फरैंजी में अनियमिताताओं के कारण पंचायत राज विभाग ने प्रधान के अधिकार सीज कर दिए लेकिन प्रधान पर इस कदर अफसर मेहरबान रहे हैं कि प्रधान पति को समिति में शामिल कर उन्हें ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी दे दी गई। मामला खुला तो ग्रामीण भड़क गए। शुक्रवार को उन्होंने डीपीआरओ के खिलाफ प्रदर्शन किया।
ग्राम पंचायत फरैंजी में प्रधान पर कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल की थी। इसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर डीपीआरओ ने दो दिन पहले ग्राम प्रधान शीला देवी के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे। लेकिन इसके बाद दोबारा ग्रामीणों ने बुधवार से प्रधान को जेल भेजे जाने की मांग को लेकर दोबारा भूख हड़ताल शुरू कर दी थी।
लेकिन शुक्रवार को पंचायत राज विभाग का एक और कारनामा सामने आ गया। पंचायत राज विभाग ने प्रधान शीला देवी के अधिकार अनियमितताओं के चलते सीज किए थे, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से समिति की कमान भी प्रधान के हाथ में ही दे दी गई। दरअसल प्रधान के अधिकार सीज होने के बाद गठित की गई समिति में प्रधान पति रमेश चंद्र यादव को शामिल कर लिया गया। दो दिन बार जब भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों को इस बारे में जानकारी हुई तो वे भड़क गए।
उन्होंने व अन्य ग्रामीणों ने इसके विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। उन्होंने डीपीआरओ पर भी मामले में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब प्रधान दोषी है तो प्रधान पति को समिति में शामिल कैसे कर लिया गया। इस बात का विभाग के पास भी कोई जवाब नहीं है। वहीं तीसरे दिन भी ग्रामीण रमन कुमार, रनवीर शाक्य, अजय चौबे, राधेश्याम, भूरे कमल, केशाराम और दिनेश सविता पंचायतघर पर भूख हड़ताल पर रहे।
वहीं प्रदर्शन करने वालों में रामपाल सक्सेना, सुनील कुमार, रामू शर्मा, अनिल शर्मा, अंकुर चतुर्वेदी, सुमित शर्मा, धीरसिंह, उमेश चंद्र, हनीफ खान, नन्हे अली, विनय कुमार, सुरेश चंद्र, मोहम्मद सलीम, कृपाशंकर अग्निहोत्री, सचिन गुप्ता, सोनू अग्निहोत्री, चुन्ने खान, अनिल कुमार, मोनू अग्निहोत्री, शिशुपाल सिंह, कप्तान सिंह, शहाबुद्दीन, राकेश शाक्य, अमजद खान, हबीब अली आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीण बोले प्रधानपति ने बांटी मिठाई
भूख हड़ताल पर बैठे रमन कुमार ने बताया कि समिति गठित होने के बाद प्रधानपति रमेश चंद्र ने गुरुवार को ही ग्राम पंचायत में मिठाई बांटी थी। तब उन्हें किसी मामले की जानकारी नहीं थी। लेकिन सुबह अखबारों से इस बात की पुष्टि हो गई कि प्रधानपति को समिति में शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले में संज्ञान लेने की मांग की है।
प्रधानपति को अगर समिति में शामिल किया गया है तो ये गलत है। जिलाधिकारी के संज्ञान में मामला लाया जाएगा। निश्चित रूप से समिति में बदलाव किया जाएगा।
- कपिल सिंह, मुख्य विकास अधिकारी।