आगरा। भारी वाहनों के शहर में प्रवेश पर रोक लगेगी। ट्रक व अन्य भारी वाहनों को अब उत्तरी बाईपास होकर गुजारा जाएगा। जाम से निपटने के लिए बुधवार को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की बैठक में यह निर्णय हुआ है। परिवहन, राजमार्ग प्राधिकरण व अन्य अधिकारियों को नई व्यवस्था तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बुधवार रात कैंप कार्यालय पर हुई बैठक में मंडलायुक्त ने भारी वाहनों को शहर के भीतर आने से रोक कर उन्हें उत्तरी बाईपास की ओर डायवर्ट करने को कहा। अधिकारियों ने कहा कि ट्रक चालक उत्तरी बाईपास के बजाय पुराने आगरा-दिल्ली हाइवे से शहर में प्रवेश कर रहे हैं। मंडलायुक्त ने कड़े निर्देश दिए। कहा कि उत्तरी बाईपास की नई व्यवस्था का व्यापक प्रचार किया जाए। बाईपास मोड़ से पांच किलोमीटर पहले ही स्पष्ट रोड साइनेज और बोर्ड लगाए जाएं। जिनमें लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़ और हाथरस जाने के लिए भारी वाहन बाईं ओर मुड़े, यह लिखवाया जाए।
टोल प्लाजा पर बंटेंगे पर्चे, नए रूट की मिलेगी जानकारी
मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने से कहा कि टोल प्लाजा पर पर्चे बांटे जाएं। उत्तरी बाईपास के नए रूट की जानकारी दी जाए। वाहन चालकों को जागररूक किया जाए। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, एंट्री पॉइंट पर एक सप्ताह के भीतर ब्लिंकर, रंबल स्ट्रिप, सीसीटीवी कैमरे, कैट-आई और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक को दिए हैं।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर अधिक टोल की होगी जांच
बैठक में एडीसीपी हिमांशु गौरव ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर मात्र 20 किमी की यात्रा के लिए भी भारी वाहनों से करीब 800 रुपये का न्यूनतम टोल वसूला जा रहा है। इस वजह से वाहन चालक बाईपास का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि यमुना एक्सप्रेस-वे के अधिकारी एक माह के भीतर ऐसी व्यवस्था करें कि टोल की वसूली तय की गई दूरी के आधार पर हो, न कि एकमुश्त। इससे वाहन स्वामियों पर आर्थिक बोझ कम होगा और वे बाईपास को चुनेंगे।
आज होगा मौके का मुआयना
उत्तरी बाईपास का बृहस्पतिवार को संयुक्त निरीक्षण होगा। इसमें पुलिस, परिवहन विभाग, एनएचएआई और यमुना एक्सप्रेस-वे के अधिकारी मौजूद रहेंगे। टीम एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी जिससे उत्तरी बाईपास के उपयोग को अधिक सरल और आरामदायक बनाया जाएगा। बैठक में डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार, आरटीओ प्रवर्तन अखिलेश द्विवेदी, एनएचएआई परियोजना निदेशक संदीप यादव आदि मौजूद रहे।