मार्च का आधा महीना बीतते ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को दोपहर के समय घरों में रहने को मजबूर कर दिया।
शहर में गर्मी का असर साफ तौर पर देखा गया। कॉलेज से लौट रहीं छात्राएं धूप से बचने के लिए अपने चेहरे पर कपड़ा बांधकर निकलती नजर आईं। वहीं, सड़क पर निकलने वाले अन्य लोग भी सिर और चेहरे को ढककर ही यात्रा करते दिखे। दोपहर के समय सड़कों पर चहल-पहल कुछ कम रही, लेकिन जिन लोगों को जरूरी काम से बाहर निकलना पड़ा, उन्हें तेज धूप का सामना करना पड़ा।
शहर में जगह-जगह लगने वाले जाम ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। ट्रैफिक में फंसे लोग लंबे समय तक धूप में खड़े रहने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को हो रही है, जिन्हें दोपहर के समय स्कूल से लौटते वक्त गर्मी और जाम दोनों का सामना करना पड़ता है।
हजरतपुर कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सुभाषचंद्र के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ी बिक्री
गर्मी बढ़ने के साथ ही ठंडे पेय पदार्थों की मांग में भी इजाफा हुआ है। शहर के बाजारों में लस्सी, शरबत, कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम की बिक्री तेजी से बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बिक्री में स्पष्ट बढ़ोतरी हुई है, जिससे उन्हें भी राहत मिली है।