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आगरा: लेडी लॉयल की ओपीडी में आईं 4 गर्भवती महिलाओं की गर्मी से बिगड़ी हालत, तपते टिनशेड के नीचे बैठकर करना होता है इंतजार  

Tue, 19 Apr 2022 02:50 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

लेडी लॉयल में इलाज के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को  टिनशेड में इंतजार करना पड़ रहा है। यहां भी महज दो पंखे लगे हैं। तेज धूप से टिनशेड भी दोपहर के समय तपने लगते हैं। इस वजह से यहां आईं चार गर्भवती महिलाओं की हालत बिगड़ गई। 
 
 
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लेडी लॉयल में लगी महिलाओं की लाइन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के  लेडी लॉयल में ओपीडी के बाहर इलाज के लिए तीन घंटे इंतजार करने से चार गर्भवती महिलाओं की हालत बिगड़ गई। कतार में खड़े होने और गर्मी के कारण उनको चक्कर आने लगे। उल्टी भी हुईं। इन महिलाओं को हवा में बिठाया गया। कुछ देर बाद हालत में सुधार हुआ।

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लेडी लॉयल ओपीडी में 25 से 30 मरीज ही एक बार में बैठ सकते हैं। ऐसे में बाकी के मरीजों को ओपीडी के बाहर टिन शेड में रोका जाता है। यहां पर बेंच भर जाने पर मरीज जमीन पर भी बैठते हैं। खुला होने के कारण यहां लू लगती है। टिनशेड में दो पंखे हैं, जो गर्म हवा देते हैं। कूलर या फिर वार्ड में बैठने की व्यवस्था न होने से मंटोला की सबीना बेगम, जगदीशपुरा की रेखा, ईदगाह की दीपा, इटौरा की सरिता और यमुनापार की बेबी की हालत खराब हो गई। चक्कर आने के साथ घबराहट होने लगी। तीमारदारों ने पानी पिलाया और जल्दी डॉक्टरों को दिखाया। 

ओपीडी पुराने वार्ड में शिफ्ट करेंगे 

प्रमुख अधीक्षक लेडी लॉयल डॉ. पंकज कुमार का कहना है कि ओपीडी के अंदर स्थान सीमित होने के कारण कुछ मरीजों को गेट के बाहर ही रोकना पड़ता है। यहां गर्मी से परेशानी होती है, ओपीडी को पुराने वार्ड  में शिफ्ट करने का विचार चल रहा है।


इस दिन होती है अधिक परेशानी

सोमवार को सामान्य दिनों के मुकाबले डेढ़ गुना मरीज आते हैं। सोमवार को 500 से अधिक मरीज आए। पर्चा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने तक तीन घंटे से अधिक लगे। गर्मी बढ़ने से आए दिन गर्भवती महिलाओं को परेशानी हो रही है। इसके बावजूद भी ओपीडी में मरीजों के बैठने के लिए व्यवस्था नहीं की जा रही है।

तीन घंटे खड़े रहने से हुई दिक्कत

लेडी लॉयल में सुबह नौ बजे आ गई थी। तीन घंटे बाहर खड़े हो गए। ओपीडी पर टिनशेड के नीचे लगीं सीट भर गई, जिससे बैठने को नहीं मिला। तीन घंटे खड़े रहना पड़ा, इससे चक्कर आ गए और घबराहट होने लगी। -दीपा, ईदगाह 

खुले में खड़े रहना पड़ता है मरीज को

खुले में मरीजों को खड़ा होना पड़ता है। इस भीषण गर्मी में वार्ड या फिर हाल में ओपीडी की व्यवस्था करनी चाहिए। घंटों इंतजार और गर्मी के कारण परेशानी हो रही है, कोई सुनवाई नहीं। -करिश्मा, जारुआ कटरा

टिनशेड तपता है, तबियत बिगड़ गई

पर्चा बनवाने में घंटे भर का समय और फिर डॉक्टर को दिखाने में दो से ढाई घंटा लगता है। सीटें कम हैं और गर्मी से टिनशेड तपता है। मेरी तबियत बिगड़ गई, पेट में दर्द होने लगा। -सरिता, इटौरा 

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