आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के रास्ते में शनिवार को आधा घंटा तक एंबुलेंस जाम में फंसी रही। एंबुलेंस में हार्ट अटैक की मरीज थी। राहगीरों ने बमुश्किल जाम से एंबुलेंस को निकलवाया। आइसीयू में भर्ती के कुछ देर बाद मरीज ने दम तोड़ दिया।
फिरोजाबाद निवासी विजयमाला जैन (63) पत्नी धीरेंद्र जैन को हार्ट अटैक पड़ा था। परिजनों ने सुबह करीब साढ़े छह बजे उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया। दोपहर में करीब एक बजे मरीज को एंबुलेंस से आइसीयू के लिए शिफ्ट किया।
मेडिकल कॉलेज में नीट यूपी की काउंसलिंग के तहत प्रमाण पत्रों का सत्यापन चल रहा है। शनिवार को काउंसलिंग का अंतिम दिन था। इस कारण काफी संख्या में अभ्यर्थी अपने वाहनों से आए हुए थे। इससे गेट से लेकर रेडियो डायग्नोसिस सेंटर तक भयंकर जाम लग गया।
आधे घंटे तक नहीं मिला रास्ता
एंबुलेंस में मरीज
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इसी जाम में विजयमाला की एंबुलेंस भी फंस गई। इसके अंदर परिजन पंप से मरीज को ऑक्सीजन दे रहे थे। काफी देर तक एंबुलेंस का चालक हॉर्न बजाता रहा लेकिन रास्ता नहीं मिला। मरीज की सांस उखड़ते देख परिजनों ने शोर मचाना शुरू कर दिया।
यह देख राहगीर जाम खुलवाने में जुट गए। करीब आधा घंटे की जद्दोजहद के बाद एंबुलेंस जाम से निकल पाई। मरीज को आठ मंजिला इमारत स्थित आइसीयू में भर्ती कराया, जहां थोड़ी देर बाद इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतका के बेटे रोहित ने बताया कि जाम में एंबुलेंस आधा घंटा तक फंसी रही। राहगीरों ने जाम खुलवाने में मदद की, लेकिन भर्ती के थोड़ी देर बाद मां की मौत हो गई।
एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी से वार्ड और आइसीयू तक शिफ्ट करने के लिए सरकारी एंबुलेंस की सुविधा हैं, लेकिन मरीज को प्राइवेट एंबुलेंस से आइसीयू तक शिफ्ट किया गया। इससे साफ है कि इमरजेंसी स्टाफ प्राइवेट एंबुलेंस के बीच मिलीभगत चल रही है।