फिल्म अभिनेत्री और सांसद कंगना रणौत केस में मंगलवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। सांसद पर आरोप है कि उन्होंने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।
हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ दायर वाद में मंगलवार को अदालत में सुनवाई हुई। न्यू आगरा थाना पुलिस ने आख्या प्रस्तुत नहीं की। एमपी-एमएलए अनुज कुमार सिंह की कोर्ट ने थानाध्यक्ष न्यू आगरा को पत्र लिखकर 13 जनवरी तक आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दे दिए।
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राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को सांसद कंगना रणौत के खिलाफ अदालत में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि सांसद ने 26 अगस्त 2024 को अपने बयान में किसानों पर अपमानजनक टिप्पणी की। जिससे उनकी और लाखों किसानों की भावनाएं आहत हुईं। महात्मा गांधी पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाया था।
अधीनस्थ न्यायालय ने 6 मई 2025 को परिवाद खारिज कर दिया था। वादी अधिवक्ता ने आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में रिवीजन किया रिवीजन की सुनवाई में अदालत ने पाया कि 6 मई 2025 को पारित हुए आदेश में धारा 225 (1) बीएनएसएस के प्रावधान की अनदेखी हुई थी। वादी के अधिवक्ताओं ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।