आगरा में हुए फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के प्रकरण में आरोपी शोभित चतुर्वेदी ने एसटीएफ के विवेचना अधिकारी को अधिवक्ता के माध्यम से अपना बयान दर्ज कराया है। इसमें खुद को ही पीड़ित बताया है। एसटीएफ के इंस्पेक्टर यतींद्र शर्मा ने 24 मई को धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत नाई की मंडी थाने में केस लिखाया था। इसमें मोहम्मद जैद खान, नेशनल शूटर अरशद, राजेश कुमार बघेल, भूपेंद्र सारस्वत, शिव कुमार सारस्वत, शोभित चतुर्वेदी और रिटायर्ड असलहा बाबू संजय कपूर नामजद हैं।
आरोप है कि भूपेंद्र सारस्वत के दो शस्त्र लाइसेंस फर्जी हैं। आयुध बाबू के कार्यालय में रिकाॅर्ड नहीं मिला। मोहम्मद जैद और अरशद ने जन्मतिथि में हेराफेरी की। शूटिंग की आड़ में लाइसेंस बनवाए। कारतूस का रिकाॅर्ड नहीं दिया। असलहा बाबू रहे संजय कपूर को हाईकोर्ट से राहत मिल चुकी है। एसटीएफ के विवेचक ने आरोपियों को बयान के लिए नोटिस जारी किए थे।
शुक्रवार को आरोपी शोभित चतुर्वेदी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से भेजे बयान में कहा कि शस्त्र उसने भूपेंद्र सारस्वत से खरीदा था। बाद में राजेश कुमार बघेल से पिस्टल की अदला-बदली की थी। हथियार के बदले भूपेंद्र को रुपये दिए थे। वह अब शस्त्र की रसीद नहीं दे रहा। भाजपा नेता श्याम भदौरिया की तरह ही वह भी पीड़ित है।
शोभित ने लाइसेंस बनवाने के लिए जो शपथपत्र दिया था उसमें हेराफेरी को टाइपिंग की गलती बताया। हालांकि एसटीएफ अभी केवल आरोपियों के बयान दर्ज कर रही है। सभी आरोपियों के बयान दर्ज करने के बाद उनके बयानों के आधार पर विवेचना में साक्ष्य जुटाए जाएंगे।