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टैंकर हादसाः डिप्टी सीएम के फोन पर जागे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी

Fri, 28 Jul 2017 09:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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हादसा - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में रुनकता के गांव अरसेना में गुरुवार रात हुए सड़क हादसे के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। रात तकरीबन 3:30 बजे डिप्टी सीएम के आफिस से फोन आने के बाद सीएमओ पहुंचे। तब कहीं निजी अस्पताल से घायलों को एसएन मेडिकल कालेज में लाया गया। 
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दुर्घटना की जानकारी पर एसएसपी ने सात सीओ और तीन थानों की पुलिस को घटनास्थल पर भेजा था। मगर, दुर्घटना की जानकारी के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। 

इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नहीं आए। घायलों को ग्रामीणों ने निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया था। कुछ घायलों को पुलिस ने इमरजेंसी पहुंचाया। मगर, उन्हें उपचार ठीक से नहीं मिल सका। जब पुलिस अधिकारी इमरजेंसी आए तो यहां घायल नहीं मिले। पता चला कि सभी घायल प्राइवेट हास्पिटल में भर्ती हैं। इसके अलावा उपचार के लिए डाक्टरों की टीम नहीं थी। 

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कोई उचित जवाब नहीं दिया। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जानकारी डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा को दी। डिप्टी सीएम आफिस से डीएम को फोन किया गया। इसके बाद डीएम ने सीएमओ को मौके पर भेजा। मामला डिप्टी सीएम तक जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए। तब जाकर 23 मरीजों को एसएन इमरजेंसी में तड़के करीब पांच बजे भर्ती कराया गया। 
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एक्सरे के लिए 950 रुपये लेने का आरोप

हादसा - फोटो : अमर उजाला
अपनी लापरवाही छिपाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी प्राइवेट हास्पिटल पहुंचे और घायलों से मिले। इनको एसएन रेफर कराया और इनके इलाज में हुए खर्च को भी माफ करवाया गया। 

वहीं घायल नेत्रपाल के परिवारीजनों का आरोप है कि नेत्रपाल का एक्सरे करने के एसएन के कर्मचारी ने 950 रुपये लिए। विरोध करने पर कहा कि यह दुर्घटना केस है। इसमें फीस देनी पड़ती है। 

केंद्रीय हिंदी संस्थान रोड स्थित एक हास्पिटल में घायल लवकुश, सोनू पुत्र जोगेंद्र, सोनू पुत्र श्रीचंद्र, अमर सिंह, रानी देवी, नत्थू सिंह को लाया गया था। परिवारीजनों का आरोप है कि उनसे आठ से नौ हजार रुपये जमा कर लिए गए। मगर, इलाज के नाम पर सिर्फ भर्ती किया गया। डाक्टर तक देखने नहीं आया। इसको लेकर लोगों ने हंगामा भी किया।
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