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Health News: वायरल बुखार में न लें एंटीबायोटिक...तीन दिन में हो जाएंगे ठीक, जानें कब चिकित्सक को दिखाएं

Fri, 03 Oct 2025 09:46 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

चिकित्सकों ने बताया कि वायरल बुखार में एंटीबायोटिक की कोई जरूरत नहीं होती है। ये बैक्टीरियल इन्फेक्शन में दिया जाता है। बच्चों को बुखार होने पर खुद चिकित्सक न बन जाएं। विशेषज्ञ को दिखाकर ही इलाज कराना चाहिए।
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एसएन की ओपीडी में उमड़ी भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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दिन में तेज गर्मी और रात में पारा कम होने से लोगों को वायरल फीवर परेशान कर रहा है। कमजोरी और मांसपेशियों में दर्द हो रहा है। एसएन मेडिकल कॉलेज और डॉक्टरों के यहां ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि खुद से कोई भी एंटीबायोटिक दवाएं न लें। 3 दिन में बुखार ठीक नहीं होने पर विशेषज्ञ को दिखाएं। अपने आप दवाएं लेने से नुकसान हो सकता है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष बंसल ने बताया कि मेडिसिन विभाग में रोजाना 650 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें कई ऐसे मरीज हैं, जिन्होंने खुद ही एंटीबायोटिक दवाएं ले लीं। इससे मर्ज ठीक होने में दोगुना समय लगा। सामान्य वायरल फीवर में एंटीबायोटिक लेने की जरूरत नहीं है। पैरासिटामॉल लें और एलर्जिक, सांस की दिक्कत बनने और तीन दिन में बुखार ठीक नहीं होने पर चिकित्सक को दिखाएं।

बाल रोग विभाग के डॉ. रामक्षितिज शर्मा ने बताया कि वायरल बुखार में एंटीबायोटिक की कोई जरूरत नहीं होती है। ये बैक्टीरियल इन्फेक्शन में दिया जाता है। बच्चों को बुखार होने पर खुद चिकित्सक न बन जाएं। विशेषज्ञ को दिखाकर ही इलाज कराना चाहिए। ओपीडी में रोजाना 250 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें कई ऐसे परिजन हैं, जिन्होंने बुखार-खांसी होने पर खुद ही दवा-सिरप पिला दिया। इससे मर्ज और बिगड़ गया। खांसी ठीक होने में दो सप्ताह तक का वक्त लग रहा है।
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वायरल बुखार में आर्सेनिक-30 की बूंदें लें
होम्योपैथी कांग्रेस साइंस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद सारस्वत ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते वायरल फीवर के मरीज बढ़ गए हैं। इसमें मरीज आर्सेनिक एलबम-30 की दो बूंद पानी में डालकर एक बार तीन दिन तक ले सकते हैं। फिर सप्ताह में एक दिन लें। तीन सप्ताह तक करें। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, वायरल बुखार ठीक हो जाता है।

डॉक्टरों ने ये दी सलाह:
- एसी लगा है तो कमरे का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक रखें।
- ठंडा पानी- कोल्डडि्रंक और बाहर के भोजन से बचें।
- जुकाम-खांसी, बुखार होने मास्क लगाएं, बच्चों को स्कूल न भेजें
- सांस और अस्थमा रोगी इन्हेलर लें, दवाएं बंद न करें।
- बच्चों को स्कूल में पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाकर भेजें।
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