मैनपुरी। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने कुरावली क्षेत्र के एक गांव में संचालित मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की। जांच में पता चला कि बिना लाइसेंस के ही मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा था। इस पर औषधि निरीक्षक ने सभी दवाओं को सील करने के साथ ही चार दवाओं के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे है।
शुक्रवार को औषधि निरीक्षक उर्मिला अग्रवाल को सूचना मिली कि कुरावली क्षेत्र के गांव लखौरा में बिना लाइसेंस के साहिल मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा है। इस पर जांच की तो पता चला कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस मई 2019 में ही खत्म हो चुका है। संचालक द्वारा लाइसेंस नवीनीकरण के लिए भी आवेदन नहीं किया गया है। बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री को अवैध मानते हुए औषधि निरीक्षक ने मेडिकल स्टोर पर उलपब्ध 95 हजार रुपये की दवाएं सील कर दीं। सभी दवाओं को सील कर कुरावली थाने में संरक्षित कराया गया है। मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इन्हीं दवाओं में से चार नमूने लेकर भी जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें लीकोप टैबलेट, फ्यूरोसिमाइड टैबलेट, लीजेसिक टैबलेट और सैनिटाइजर क एक नमूना शामिल है। संचालक के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर कराया जाएगा।
एटा से हो रही थी दवाओं की आपूर्ति
जांच में पता चला कि बिना लाइसेंस के संचालित हो रहे मेडिकल स्टोर को दवाओं की आपूर्ति एटा के पांच मेडिकल स्टोर से की जा रही थी। इसमें पवन मेडिकल स्टोर, अरविंद फार्मा, योगेश फार्मा, शारदा मेडिकल स्टोर और बिशन मेडिकल स्टोर शामिल हैं। इन मेडिकल स्टोर के संचालकों को भी नोटिस जारी कर जवाब मांग गया है।
आजीवन कारावास का है प्रावधान
मेडिकल स्टोर का बिना लाइसेंस के संचालन करना कानूनन अपराध है। इसके लिए संचालक को आजीवन कारावास तक की सजा सुनाई जा सकती है। इतने कठोर दंड के बावजूद भी लोग अपनी जान जोखिम में डालकर बिना लाइसेंस के दवाओं की बिक्री करते हैं।
सूचना मिली थी कि एक मेडिकल स्टोर का संचालन बिना लाइसेंस हो रहा था। जांच में मामला सही पाया गया, दवाओं को सील करने के साथ ही मुकदमा दायर करने की तैयारी की जा रही है।
उर्मिला अग्रवाल, औषधि निरीक्षक।