इलाज के लिए भटक रहे नेत्र रोगी
कोरोना काल में बंद हैं अस्पताल, नहीं हो पा रहे हैं ऑपरेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। कोरोना महामारी के बीच नेत्र रोगियों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। न तो लोगों की आंखों के ऑपरेशन हो पा रहे हैं, न ही उन्हें इलाज। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नेत्र रोगियों के उपचार के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है।
जिले में नेत्र रोगियों की संख्या तीन हजार से अधिक है। लॉकडाउन के कारण आंखों के अस्पतालों में ताले लटक रहे हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों को खोलने की अभी तक अनुमति नहीं दी है। शहर के मोहल्ला वंशीगोहरा स्थित भजनानंद नेत्र चिकित्सालय बंद होने से नेत्र रोगियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। अप्रैल से जून तक बड़ी संख्या में वृद्ध मरीजों की आंखों के ऑपरेशन होने थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण नहीं हो सके। अब ये वृद्ध उपचार के लिए भटक रहे हैं।
केस नंबर एक
कंजाहार निवासी राजवीर सिंह ने बताया कि उनके पिताजी को आंखों में दिक्कत है। ऑपरेशन के लिए कई जगह संपर्क किया, लेकिन कहीं बात नहीं बन सकी। प्रशासन को इसके लिए कुछ न कुछ करना चाहिए।
केस नंबर दो
राजीव गांधी नगर निवासी ध्रुव कुमार ने बताया कि उसकी मां की आंखों में दिक्कत है। डॉक्टर ने अप्रैल में ऑपरेशन की सलाह दी थी लेकिन लॉकडाउन के कारण व्यवस्था नहीं बन सकी।
केस नंबर तीन-
आवास विकास निवासी सूर्यकांत ने बताया कि उनके पिताजी को आंखों में मोतियाबिंद की शिकायत है। डॉक्टर ने मई में ऑपरेशन का समय दिया था, लेकिन लॉकडाउन के कारण आपरेशन नहीं हो सका। अब उन्हें दिक्कत हो रही है।
यदि कोई नेत्र चिकित्सक मरीजों को देखने के लिए सहमति दें तो उन्हें कोविड 19 से बचाव का प्रशिक्षण दिलाते हुए अस्पताल खोलने की अनुमति दी जाएगी। बिना डॉक्टर की सहमति और प्रशिक्षण के आंखों के अस्पताल खुलवाना उचित नहीं होगा।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ