मैनपुरी। आज विश्व क्षयरोग दिवस है। इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य क्षयरोग के प्रति लोगों को जागरूक करना है। क्षयरोग लाइलाज नहीं है, फिर भी जिलेभर में क्षयरोग पीड़ितों की मौत हो रही है। औसतन एक व्यक्ति की प्रतिमाह टीबी से मौत हो रही है। कई मामलों में पाया गया है कि इलाज के प्रति लापरवाही के चलते मरीज की मौत हुई। जिला अस्पताल में पिछले तीन महीने में तीन मरीजों की मौत हो चुकी है। ऐसे में जरूरी है क्षयरोग का पर्याप्त और समय से इलाज कराने की। क्योंकि समय से इलाज कराकर क्षयरोग से पीड़ित मरीज स्वस्थ्य जीवन जी सकता है।
केस हिस्ट्री- एक
बिछवां थाना क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी 72 वर्षीय जोगराज सिंह की क्षयरोग से पीड़ित होने पर 16 जनवरी को जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार नियमित दवा न लेने के कारण उनकी मौत हुई है।
केस हिस्ट्री- दो
बिछवां थाना क्षेत्र के ही गांव धनमऊ निवासी सदानंद के 21 वर्षीय पुत्र रोहित की क्षयरोग से पीड़ित होने पर मौत हो गई। इस बार भी विभाग का एक ही जवाब था कि रोहित ने नियमित दवा का सेवन नहीं किया। इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है।
केस हिस्ट्री-तीन
थाना कोतवाली क्षेत्र के गांव मधाऊ निवासी 55 वर्षीय राजबहादुर की क्षयरोग से पीड़ित होने पर 22 मार्च को जिला अस्पताल में मौत हो गई। इस बार भी विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने नियमित दवा का सेवन नहीं किया।
चार चरणों में है मरीज को उपचार की व्यवस्था
क्षय रोग से पीड़ित मरीजों को चार चरणों में विभाजित किया गया है। प्रथम स्तर के मरीजों को नए मरीज की श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी के मरीज को छह महीने तक ही दवा लेनी पड़ती है। इस श्रेणी में दवा लेने में लापरवाही करने वाला मरीज द्वितीय श्रेणी में पहुंचता है। मरीज को आठ महीने लगातार दवा लेनी पड़ती है। यदि यहां भी मरीज लापरवाही करता है तो वे खतरनाक स्थित तृतीय श्रेणी में पहुंचता है। तब मरीज को अस्पताल में भर्ती कराकर 24 महीने तक उपचार दिया जाता है। यदि मरीज यहां भी उपचार में लापरवाही करता है तो वह अंतिम श्रेणी में पहुंच जाता है। इस श्रेणी के मरीज को 26 महीने उपचार देने की व्यवस्था है। इसमें लापरवाही करने पर मृत्यु हो सकती है।
उपचार में लापरवाही न करें
जनपद में क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। क्षय रोगियों को निशुल्क जांच और दवा का लाभ दिया जा रहा है। इसके बाद भी कुछ लोग उपचार में लापरवाही कर रहे हैं जिससे उनकी मौत हो रही है।
डॉ. सीएम यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी
हाईलाइर्ट्स
325 डॉट केंद्र से मरीजों को दवा का होता है वितरण
03 अस्पतालों में है क्षयरोग के उपचार की व्यवस्था
10 टीबी यूनिट हैं जिले में
10 सुपरवाइजर करते हैं मरीजों की देखभाल
18 डीएमसी केंद्र पर है जांच की सुविधा