मैनपुरी। जिला अस्पताल की जांच में एचआईवी एड्स पीड़ित पाए गए सभी छह लोगों की रिपोर्ट सीएमओ ने मांगी है। स्वास्थ्य विभाग मामले की उच्चस्तरीय जांच की तैयारी में जुटा हुआ है। इससे लापरवाही करने वालों की जवाबदेही तय करके उन पर कार्रवाई की जा सके।
जनवरी महीने में जिले में छह लोग एचआईवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें एक परिवार के पति-पत्नी और उनका बच्चा तथा एक अन्य दंपती के अलावा एक ड्राइवर शामिल है। मामला मीडिया में आने के बाद सोमवार को सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने जिला अस्पताल प्रशासन से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग को शासन स्तर से जांच के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई हो सकती है। क्यों कि पीड़ितों ने एचआईवी होने का कारण निजी अस्पतालों द्वारा दूषित खून चढ़ाया जाना बताया है।
प्रभारी पर बनाया जा रहा दबाव
छह लोगों के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी प्राइवेट अस्पतालों पर कार्रवाई करने की जगह प्रभारी एड्स जांच केंद्र नरसिंह राठौर को निशाना बना रहे है। उन पर गोपनीय रिपोर्ट मीडिया में लीक करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि इससे पहले भी जिला अस्पताल प्रशासन से एचआईवी पॉजिटिव लोगों की जानकारी मीडिया को दी गई, तब किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। फर्क सिर्फ इतना है कि उस समय एचआईवी पॉजिटिव जिला कारागार आदि स्थानों पर मिले थे। इस बार एचआईवी पॉजिटिव होने का कारण निजी अस्पतालों की लापरवाही बताई गई है।
पूरे मामले की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। एचआईवी रिपोर्ट गोपनीय होती है, ऐसे में उस व्यक्ति पर भी कार्रवाई की जाएगी जिसने इसे मीडिया में लीक किया।
-डॉ. एके पांडेय, सीएमओ