कासगंज। बच्चों में डायरिया का खतरा देख स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। बीमारी से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। घर-घर जाकर बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इसके साथ ही ओआरएस घोल और जिंक की गोली का वितरण भी होगा।
मौसम में उतार चढ़ाव के चलते बच्चे डायरिया की चपेट में आने लगे हैं। बारिश के मौसम में खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बच्चों को बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। आशा कार्यकर्ताओं को क्षेत्र के घरों में जाकर सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डायरिया की चपेट में आए बच्चे के घर में ओआरएस घोल और जिंक की गोली भी उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
डायरिया में खतरे के लक्षण
-बच्चे का स्तनपान न करना
-बच्चे का सुस्त होना
-खाने पीने में कठिनाई होना या उल्टी कर देना
-बच्चे की आंखें सूखी व धंसी होना
-बुखार होना और दस्त या मल में खून आना
इस तरह करें रोकथाम
-छह माह तक के बच्चे को स्तनपान कराएं इसके बाद सुपाच्य पोषाहार दें
-आयु के अनुसार विटामिन ए की पूरक खुराक दें
-स्वयं की व बच्चे की साफ सफाई का ध्यान रखें
-पीने के लिए साफ पानी का प्रयोग करें
-रोटा वायरस और खसरे का टीका लगवाएं
इलाज
-बच्चे को प्रत्येक दस्त के बाद ओआरएस का घोल पिलाएं
-14 दिन तक जिंक की गोली दिन में एक बार दें
वर्जन
इस मौसम में बच्चों में डायरिया फैलने का खतरा अधिक रहता है। इसलिए डायरिया रोको अभियान शुरू किया गया है। अभियान में आशा कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करेंगी। - डॉ. राजीव अग्रवाल, सीएमएस