जयपुर में जीका संक्रमण के 29 मरीज सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला एपीडेमियोलॉजिस्ट के नेतृत्व में कमेटी बना दी है। किसी भी संदिग्ध मरीज के नमूने लेने को कहा है।
पर्यटन नगरी होने के कारण यहां देश-विदेश से हजारों पर्यटक रोजाना आते हैं। ऐसे में यहां स्वास्थ्य विभाग ने विशेषज्ञों की टीम बनाई है। इसमें जिला
एपीडेमियालॉजिस्ट डॉ. प्रियंका चौहान को ऐसे मामलों पर नजर रखने को कहा है।
गर्भवती महिलाएं और महिला चिकित्सालय में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स ने बताया कि जीका का कोई खतरा नहीं हैं, फिर भी एहतियातन टीम बनाकर अलर्ट कर दिया है।
गर्भस्थ शिशु को ज्यादा खतरा
ये बीमारी जीका वायरस से संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से पनपती है। गर्भ ठहरने के दो-तीन माह में महिला इससे संक्रमित होती है तो उसके गर्भस्थ शिशु का मस्तिष्क का विकास प्रभावित होता है। मरीज के संक्रमित होने पर बुखार, शरीर-जोड़ों में दर्द, शरीर पर दाने और आंखें आती हैं।