उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में कई बड़ी बातों का ऐलान किया गया। सरकार की ओर से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेक्टर में सुधार के लिए धन आवंटन का विशेष प्रावधान किया गया है। इस बजट को लेकर ताजनगरी आगरा के चिकित्सक संतुष्ट दिखे। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेजों को दिया गया बजट का बड़ा हिस्सा उपकरणों और शिक्षण कार्य पर खर्च होना चाहिए। आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान भारत-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना आदि के लिए पर्याप्त बजट रखा गया है।
सभी के हितों का रखा है ध्यान
आईएमए अध्यक्ष डॉ. ओपी यादव का कहना है कि 'योगी सरकार का बजट ऐतिहासिक और सभी के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। मेडिकल कॉलेज में जो बजट मंजूर हुआ है उसमें शिक्षण कार्य और उपकरणों पर ज्यादा खर्च होना चाहिए।'
बजट बढ़ाने से गरीबों को मिलेगी राहत
आगरा सर्जन एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील शर्मा ने बताया कि 'सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना में 560 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। इससे गरीब और जरूरतमंद मरीजों के गंभीर इलाज में बड़ी सुविधा मिलेगी। सीनियर सिटीजन के लिए फंड तय करने से बुजुर्गों को चिकित्सकीय सेवा का लाभ मिलेगा।'
फंड जारी होने से छात्रों को बड़ी राहत
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बीके अग्रवाल ने बताया कि 'बजट में नए 14 मेडिकल कॉलेजों के लिए 21 सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे नए मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सीय संसाधन बेहतर होंगे। मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बहुत बड़ी सुविधा मिलेगी।'
बच्चियों को एंटी सर्वाइकल वैक्सीन बड़ी सौगात
उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक साइंस कांग्रेस सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद्र सारस्वत ने बताया कि 'बजट में 9 से 14 साल की बच्चियों के लिए एंटी सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन के लिए 50 करोड़ का बजट जारी किया है, यह बड़ी सौगात है। सर्वाइकल कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई की जान भी जा रही है। सरकार का बजट बेहद सराहनीय है।'