प्रधानाध्यापिका की स्कूल में रोज देरी से पहुंचने की आदत ने मुश्किल में डाल दिया। ग्राम प्रधान व गांव वालों की शिकायत के बाद खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया है।
बेसिक स्कूलों में देरी से स्कूल पहुंचने वाले शिक्षकों पर शिक्षा अधिकारियों की टेढ़ी नजर है। जिले के बरौली अहीर में प्राथमिक विद्यालय गोला की प्रधानाध्यापिका पर बड़ी कार्रवाई की गई है।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार ने शिकायत के आधार पर प्राथमिक विद्यालय गोला नींवरी, बरौली अहीर की प्रधानाध्यापिका सुमन यादव को निलंबित कर दिया है। बरौली अहीर के खंड शिक्षा अधिकारी ने 31 मार्च को विद्यालय का निरीक्षण किया था और उसकी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी।
रिपोर्ट में बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापिका व बाकी स्टाफ उपस्थित था। मौके पर ग्राम प्रधान व गांव वालों ने शिकायत दर्ज कराई कि प्रधानाध्यापिका देर से विद्यालय पहुंचती हैं।
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गांव वालों व स्कूल के स्टाफ के साथ उनका व्यवहार अच्छा नहीं है। मिड-डे मील योजना में गैर सरकारी स्कूलों के बच्चों को दर्शाया गया है, जो कि रॉयल इंटरनेशनल स्कूल व मुरारीलाल इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं। दूसरे विद्यालयों के बच्चों को गलत तरीके से परिषदीय स्कूल में नामांकित दिखाया गया।
मिड-डे मील की गुणवत्ता ठीक नहीं पाई गई। विद्यार्थियों ने भी बताया कि प्रधानाध्यापिका देर से आती हैं और जल्दी चली जाती हैं, ठीक से पढ़ाती नहीं। इन आरोपों में प्रधानाध्यापिका को निलंबित किया गया है, उन्हें प्राथमिक विद्यालय नगला झोर में संबद्ध किया गया है। मामले की जांच फतेहाबाद के खंड शिक्षा अधिकारी को दी गई है।