स्कूल में बिखरी हरियाली
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गेंदा, गुलाब, चांदनी, मोगरा आदि के फूल विद्यालय की शोभा बढ़ा रहे हैं। पक्षियों के लिए जगह-जगह घोंसले बनाकर पानी के लिए मिट्टी के बर्तन रखे हैं। शाहिद ने बताया कि विद्यालय में फल, सब्जी सीजन के अनुसार उगाते हैं। इसका प्रयोग एमडीएम के लिए किया जाता है। गर्मी की छुट्टी हो या फिर बारिश हो, वह अपने हाथों से तैयार की इस बगिया को सहेजने और पक्षियों के दाना-पानी की व्यवस्था करने के लिए प्रतिदिन 14 किलोमीटर का रास्ता तय करते हैं।
यहां बच्चों के नाम से है पौधों की पहचान
स्कूल में गुलाब, गेंदा सहित अन्य पौधों की पहचान बच्चों के नाम से हैं। बच्चों में रुचि बढ़े और पौधों की देखभाल करें, इसलिए प्रत्येक बच्चे को पौधों की जिम्मेदारी दी गई है। इससे बच्चे पौधे की देखभाल करते हैं और पौधे टूटने से भी बच जाते हैं।