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मैनपुरीः फर्जी अंकपत्र के सहारे 11 साल से नौकरी कर रहा प्रधानाध्यापक बर्खास्त

Sat, 07 Nov 2020 12:16 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी

सार

वर्ष 2005 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों की जांच एसआईटी कर रही है, लेकिन अनूप सिंह का नाम उस सूची में भी शामिल नहीं था। जबकि इस सूची में फर्जी
और सही सभी प्रकार की बीएड डिग्री वाले शिक्षक शामिल हैं। 
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जांच-सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद मैनपुरी में एक के बाद एक फर्जी शिक्षक-शिक्षिकाओं का खुलासा हो रहा है। अब कुरावली विकास खंड में 11 साल से तैनात एक प्रधानाध्यापक को बीएड का अंकपत्र और डिग्री फर्जी मिलने पर बर्खास्त कर दिया गया है। बीएसए ने प्रधानाध्यापक की बर्खास्तगी के बाद खंड शिक्षाधिकारी को प्रधानाध्यापक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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कुरावली विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय मधुकरपुर पर कार्यरत मैनपुरी निवासी प्रधानाध्यापक अनूप सिंह ने नौ नवंबर 2009 को शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति पाई थी। नियुक्ति के दौरान अनूप सिंह ने वर्ष 2005 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड उत्तीर्ण होने की डिग्री लगाई थी।

वर्ष 2005 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की डिग्री हासिल करने वाले शिक्षकों की जांच एसआईटी कर रही है, लेकिन अनूप सिंह का नाम उस सूची में भी शामिल नहीं था। जबकि इस सूची में फर्जी और सही सभी प्रकार की बीएड डिग्री वाले शिक्षक शामिल हैं। अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जब सभी शिक्षकों का डाटा मानव संपदा पोर्टल पर फीड कराया गया तो अनूप सिंह 2005 में बीएड करने वाले पाए गए।
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संदेह होने पर बीएसए ने जब जांच कराई तो उनकी डिग्री फर्जी निकली। अनूप सिंह को इस संबंध में अपना पक्ष रखने को कहा गया तो वह कोई सबूत नहीं दे सके। बीएसए ने उनकी बीएड की डिग्री फर्जी मानते हुए शुक्रवार को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। वहीं बीएसए विजय प्रताप सिंह ने खंड शिक्षाधिकारी कुरावली सुमित कुमार वर्मा को निर्देश दिए कि वह प्रधानाध्यापक अनूप सिंह के विरुद्ध एफआईआर कराएं। 

एसआईटी नहीं पकड़ पाई फर्जी शिक्षक 
बीएसए की ओर से कराई गई जांच में फर्जी मिले शिक्षक को एसआईटी भी नहीं पकड़ सकी। जबकि शिक्षक का फर्जी पाया गया अंकपत्र अलीगढ़ के श्री वार्ष्णेय कॉलेज के नाम का है। वर्ष 2005 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की डिग्री हासिल कर शिक्षक बनने वाले प्रदेश के विभिन्न जनपदों में तैनात 4706 शिक्षक एसआईटी की सूची में शामिल हैं। वहीं बर्खास्त किया गया शिक्षक अनूप सिंह इस सूची में शामिल नहीं है।

शिक्षा विभाग इसकी भी जानकारी कर रहा है कि आखिर शिक्षक एसआईटी जांच से कैसे बच गया। अनूप सिंह ने अपनी नियुक्ति के दौरान जो बीएड का अंकपत्र लगाया था। वह श्री वार्ष्णेय कॉलेज अलीगढ़ के नाम से था। बीएसए के निर्देश पर श्री वार्ष्णेय कॉलेज अलीगढ़ एक जांच अधिकारी को भेजा गया तो वहां भी अनूप सिंह के अंकपत्र का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके साथ ही बीएसए ने अनूप का अंकपत्र और डिग्री लेकर जब अपने कार्यालय के एक अधिकारी को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय भेजा तो विश्वविद्यालय में उसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। 

कुरावली विकास खंड में तैनात प्रधानाध्यापक अनूप सिंह का बीएड अंकपत्र और डिग्री फर्जी पाई गई हैं। प्रधानाध्यापक को बर्खास्त कर दिया गया है। खंड शिक्षाधिकारी को रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। - विजय प्रताप सिंह, बीएसए
 
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