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डरावना हो गया यमुना एक्सप्रेस वे का सफर

Fri, 26 May 2017 01:02 AM IST
डरावना हो गया यमुना एक्सप्रेस वे का सफर
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हाइवे - फोटो : फाइल फोटो
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यमुना एक्सप्रेस वे... कभी नाम सुनते ही मन में बड़ी सुंदर तस्वीर बनती थी। चमचमाती सड़क पर हवा से बात करती गाड़ियां... कदम-कदम पर सुरक्षा के इंतजाम... हर टोल प्लाजा पर मुस्तैद पुलिसवाले.... सीसीटीवी कैमरों की निगरानी... लेकिन अब डरावनी हो चुकी है। सुरक्षा नाम की कोई चीज जो नहीं बची। नोएडा से आगरा तक ढूंढने पर भी पुलिस नहीं मिलती है। हर कदम पर लुटेरों का खतरा    है। 165.5 किमी. के एक्सप्रेस वे पर 10 गिरोह सक्रिय    हैं ।
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हर गैंग में आठ से दस बदमाश हैं। जेवर के पास बुधवार की रात हुई दिल दहला देने वाली वारदात ने खौफ और बढ़ा दिया है। यह घटना एक्सप्रेस वे से मात्र 2.5 किमी.दूरी पर हुई है। इसका खौफ एक्सप्रेस वे पर सफर करने वालों में भी है।
जेवर के पास एक्सप्रेस वे पर 16 अप्रैल को दिल्ली के दस परिवारों से लूटपाट की कोशिश की गई  थी। विरोध होने पर उनकी गाड़ियों पर सरियों से हमला किया गया था। पुलिस से शिकायत भी की गई थी। इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। अब और बड़ी वारदात हो गई।  15 मार्च को मथुरा में ही एक कारोबारी परिवार को लूट लिया गया था। यह परिवार एक होटल से खाना खाकर लौट रहा था। कुछ गिरने की आवाज सुनकर गाड़ी रोकी तो बदमाशों ने घेर लिया। महिलाओं के जेवरात तक लूटकर ले गए थे। एक्सप्रेसवे चार जनपदों की निगरानी में है। आगरा, मथुरा, अलीगढ़ और नोएडा। अगर इन जनपदों की पुलिस ड्यूटी चार्ट देखेंगे तो पता चलेगा कि एक्सप्रेसवे के किनारे वाले थाने से हर रोज एक दरोगा और चार सिपाही गश्त पर जा रहे हैं।
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थाने की जीडी में भी रवानगी एक्सप्रेसवे की हो होगी। लेकिन यह वहां मिलेंगे नहीं। यमुना एक्सप्रेसवे पर पड़ने वाले तीनों टोल पर पुलिस चौकियां बनी हुईं हैं लेकिन इन पर पुलिसवाले नहीं मिलते।  रात के वक्त अगर किसी की गाड़ी खराब हो गई तो मदद की उम्मीद बेमानी है। कुछ प्वाइंट पर हेल्पलाइन नंबर तो लिखे हुए हैं लेकिन उन्हें डायल करेंगे तो कभी मिलेंगे  नहीं। सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए हैं लेकिन आधे खराब पड़े हैं। सालों से किसी की चेकिंग ही नहीं की गई है।  
-- एक्सल गैंग कर रहा सबसे ज्यादा वारदात
एक्सप्रेस वे पर मथुरा का सबसे खतरनाक साहून गैंग भी कहर बरपा रहा है। इस गिरोह से पुलिसवाले भी डरते हैं। कई बार पुलिस पर हमला कर चुका है। इनके अलावा नौ और गिरोह हैं। इनमें एक्सल गैंग, लिफाफा गैंग, बाइक वाला गैंग, लिफ्ट लेकर लूट करने वाला गैंग, जहरखुरान, आटो लिफ्टर, पागल गैंग, बावरिया गिरोह और पत्थर मारने वाला गैंग हैं। सबसे ज्यादा वारदात एक्सल गैंग कर रहा है।
--। तेल लेकर भी सुरक्षा नहीं दे रही पुलिस
यमुना एक्सप्रेसवे पर 13 थाने हैं। जिनमें दनकौर, रघुपुरा, जेवर, टप्पल, नौहझील, सुरीर, मांट, राया, महावन, बलदेव, यमुनापार, खंदौली और एत्मातपुर।  पुलिस का 2012 में ही यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के बीच करार हुआ था कि  हर थाना क्षेत्र से दो गाड़ियां गश्त के लिए दी जाएंगी। इनके तेल का बंदोबस्त अथॉरिटी करेगी। अथॉरिटी से तेल लिया जा रहा है लेकिन गाड़ियां नजर नहीं आती। खंदौली, जेवर और मांट पर बनी पुलिस चौकियां खाली पड़ी रहती हैं। पेट्रोलिंग वाहन भी गायब हो चुके हैं।
--। खौफ से ताजनगरी के पयर्टन पर पड़ सकता है असर
एक्सप्रेस वे पर अपराध बढ़ जाने का असर ताजनगरी और मथुरा के पर्यटन पर भी पड़ सकता है। दिल्ली से आने वाले पर्यटकों में से 50 फीसदी इसी से होकर आते हैं। सर्दी में रोजाना 30 से 35 हजार और गर्मी में 15 से 20 हजार पर्यटक आगरा आते हैं। फिलहाल आठ से दस हजार पर्यटक एक्सप्रेस वे से आ रहे हैं।
--। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर खतरा और ज्यादा
यमुना एक्सप्रेस वे से भी बुरा हाल है आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का। दूर दूर तक एक सिपाही तक नजर नहीं आता है। इस पर भी लूटपाट की वारदात शुरू हो चुकी हैं। पुलिस की ओर से सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए         हैं।
वर्जन
यमुना एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। यूपी - 100 की गाड़ियों की तैनाती भी इस पर कर दी गई है - दिनेश चंद दुबे ( एसएसपी, आगरा )
--। सीएम योगी की भी नहीं सुनी पुलिस ने
मुख्यमंत्री सात मई को आगरा आए थे। जोन की कानून व्यवस्था की समीक्षा की थी। उन्होंने दोनों एक्सप्रेस वे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए कहा था लेकिन अफसरों ने खास तवज्जो नहीं दी। मीटिंग में आगरा, मथुरा , अलीगढ़ के अधिकारी भी थे।
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