हाथरस में हुए सड़क हादसे में आगरा के सैमरा गांव निवासी चुन्नी बैंड के संचालक बेदरिया के परिवार के 12 लोगों की मौत हुई है। बेदरिया के घर में उनका अकेला बेटा शान मोहम्मद ही बचा है। फोन पर जब शान मोहम्मद को हादसे की खबर मिली तो वह जमीन पर गिर पड़े। मुंह से एक ही बात निकली, मेरी तो उजड़ गई दुनिया, सब बर्बाद हो गया। शान की पत्नी और 3 बच्चों की मौत इस हादसे में हुई है।
गांव सैमरा का परिवार
हाथरस हादसे में 18 मृतकों में से 16 खंदौली के गांव सैमरा के हैं। बेदरिया का पुश्तैनी काम बैंड का है। उनके तीन बेटे छोटे अली, इरशाद और शान मोहम्मद हैं। छोटे अली पिता के साथ बैंड का काम देखते थे। वहीं इरशाद फेरी लगाकर बर्तन बेचते थे, जबकि शान का बाइक रिपेयरिंग का काम है।
इनकी चली गईं जानें
हादसे में बेदरिया के बेटे इरशाद, उनकी पत्नी आबिदा, 6 महीने का बेटा आरिफ, छोटे अली, उनकी पत्नी शबाना, 7 साल की बेटी सोना, 5 साल की परी, 3 साल का बेटा मोहम्मद अली, शान मोहम्मद की पत्नी नसरीन, बेटा 10 साल का अल्फेज, 9 साल का अली जान और 6 साल की आफरीन की मौत हुई है। हाथरस में शान की बहन की दादी सास का इंतकाल हो गया था, जिनके चालीसा में परिवार के लोगों समेत 35 लोग गए थे।
शान इसलिए बच गया
इस हादसे में पत्नी और तीन बच्चों को खोने वाले शान मोहम्मद अपने बीमार और दिव्यांग चाचा चिन्माशी के साथ घर में रुक गए थे। शाम को 6 बजे हाथरस में हादसे का फोन आया तो मौत की खबर सुनते ही चीखने लगे। कुछ देर तो लोगों को समझ में ही नहीं आया कि क्या हो गया। बाद में जब लोगों को हादसे का पता चला तो जुटे लोग अवाक रह गए।