हरितालिका तीज पर बने सर्वार्थ सिद्ध, अमृत और गज केसरी योग के दौरान सुहागिनों ने अपने पति की सलामती के लिए व्रत रखा और बटेश्वर के गौरीशंकर मंदिर में सुहाग सामग्री अर्पित कर पूजा की। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालु महिलाओं की भारी भीड़ रही। सोमवार को बटेश्वर के घाट पर विसर्जन समारोह होगा।
हरितालिका तीज पर रविवार को बटेश्वर के गौरीशंकर मन्दिर में दिन भर व्रत रखने वाली महिलाओं और युवतियों के पूजन का सिलसिला चला। यमुना नदी में स्नान के बाद महिलाओं ने गौरीशंकर मन्दिर में शृंगार सामग्री अर्पित कर अपने सौभाग्य की कामना की। तमाम महिलाओं ने मंदिर में मन्नत का धागा भी बांधा। बटेश्वर के घाट से लेकर ब्रह्मलाल जी मन्दिर तक हरितालिका तीज की धूम दिखाई दी। मन्दिर महन्त जय प्रकाश गोस्वामी ने बताया कि रविवार को दिन भर हरितालिका तीज का पूजन चला। इस दौरान महिलाओं ने बटेश्वर के घाट पर भजन कीर्तन कर शिव पार्वती का गुणगान किया। सोमवार की सुबह सूरज निकलने से पहले व्रत रखने वाली महिलायें गौरीशंकर मन्दिर में मत्था टेक कर पूजन सामग्री यमुना में विसर्जित कर साधु-सन्तों को भोजन कराकर दान पुण्य अर्जित करेंगी। विशेष योग के चलते इस बार ज्यादा संख्या में महिलायें पूजन के लिए पहुंचीं।
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जरार में महिला मंडल ने मनाया तीज उत्सव
बाह। माथुर वैश्य महिला मंडल जरार के तत्वावधान में रविवार की शाम हरियाली तीज का उत्सव मनाया गया। इस दौरान व्रत उपवास रखने वाली महिलाओं ने भजन कीर्तन कर शिव और पार्वती का गुणगान किया। इस दौरान बेटियों को पढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने का संकल्प लिया गया। सोमवार से शुरू होने वाले गणेश उत्सव के लिए भी रणनीति बनाई गई। इस दौरान सुमन गुप्ता, रेखा गुप्ता, राधा गुप्ता, अर्चना गुप्ता, शशी गुप्ता, रेशम देवी, कामना गुप्ता, स़ुन्दरबाला, सारदा, माया, मिथिलेश, ममता आदि की मौजूदगी उल्लेखनीय रही।
हाईकोर्ट के जज ने बटेश्वर में की पूजा
बाह। बटेश्वर पहुंचे इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस रंजन राय ने रविवार को भगवान ब्रह्मलाल जी मन्दिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद बटेश्वर के घाट और मन्दिर देखे। उन्होंने लोगों से यहां के इतिहास के बारे में जानकारी ली। रविवार की सुबह हाईकोर्ट के जस्टिस रंजन राय को पुजारियों ने ब्रह्मलाल जी मन्दिर में विधि विधान से पूजा कराई। इसके बाद उन्होंने मन्दिर शृंखला का आचमन कर बहती यमुना का खूब सूरत नजारा देखा। उन्होंने गौरीशंकर मन्दिर में मत्था टेका। फिर मोटेश्वर महादेव के दर्शन किये। मन्दिर शृंखला को देखकर उन्होंने पुजारियों से इतिहास को जाना। महाभारत कालीन तीर्थ और मन्दिरों के बारे में जानकर जस्टिस आश्चर्यचकित हुये बिना नहीं रह सके। उनके साथ फीरोजाबाद के जिलाजज पीके सिंह के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।