जलकल में पानी की पाइप लाइनों की मरम्मत की आड़ में सरकारी धन बहाया जा रहा है। समस्या का समाधान करने की बजाय चुनिंदा पाइप लाइनों की मरम्मत से ही गुजारा किया जा रहा है। मदिया कटरा चौराहा स्थित पानी की पाइप लाइन इनमें से एक है। इस जर्जर पाइप लाइन की मरम्मत का कार्य तो जलकल फाइलों में पहले ही कर चुका है।
मदिया कटरा चौराहा पर जर्जर पाइप लाइन की वजह से होने वाली लीकेज को दूर करने के लिए 13वें वित्त आयोग के तहत बजट जारी किया गया था। मगर, जलकल विभाग ने कार्य पूरा किए जाने से पहले ही 31 मार्च को इस कार्य को पूरा दिखा दिया। उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत हुई तो विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद ही यहां चैंबर बनाने का काम शुरू हुआ। इससे पहले इसी जगह पर समस्या के समाधान पर विभाग लाखों रुपया लगा चुका है। इसी तरह सिकंदरा स्थित वाटर वर्क्स की रॉवाटर पाइप लाइन की मरम्मत पर लाखों रुपया बहाने के बाद जल निगम को इसके स्थायी समाधान की याद आई है। इसके अलावा शहर में कई ऐसे स्थान हैं, जहां मरम्मत की आड़ में सरकार के खजाने से धन तो निकाल लिया जाता है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाता। इसमें पालीवाल पार्क भी एक है। यहां मरम्मत होने के बावजूद आए दिन समस्या खड़ी हो जाती है। इसी तरह से गुरुद्वारा गुरू का ताल के सामने महीनों से पाइप लाइन लीक हो रही है।
बहाल हुई जलापूर्ति
मदिया कटरा चौराहा पर क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की मरम्मत शनिवार रात लगभग दो बजे कर दी गई। इससे रविवार सुबह लोहामंडी और आवास विकास से जुड़े क्षेत्रों में जलापूर्ति बहाल हो गई। दोनों टाइम पानी की सप्लाई की गई। यहां चैंबर निर्माण का कार्य जारी है। इससे यहां यातायात बाधित है। रविवार को स्कूलों और कार्यालयों की छुट्टी होने के कारण कम ही जाम लगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सोमवार शाम तक चैंबर के कार्य को भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद यातायात सुचारु हो जाएगा।