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लोगों को बीमार कर रहा है मोबाइल फोन, एक स्टडी में सामने आई चौंकाने वाली बातें

Mon, 04 Mar 2019 03:52 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आंख, सिर और गर्दन दर्द और सिर का भारीपन रहना। लोगों में बढ़ती ये स्वास्थ्य समस्याएं लंबे समय तक मोबाइल का प्रयोग करने का परिणाम हो सकती हैं। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग की स्टडी बताती है कि मोबाइल पर चैटिंग, सोशल मीडिया पर व्यस्त रहने वाले 12 फीसदी तक मरीजों को माइग्रेन जैसा दर्द हो रहा है। इनमें 16 से 30 साल के युवा अधिक हैं।
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न्यूरोलॉजी विभाग में हर महीने करीब 3400 मरीज आते हैं। इनमें आठ से 12 फीसदी मरीज सिर-गर्दन और आंख दर्द को माइग्रेन समझकर आते हैं। पूछताछ में ये मोबाइल चैटिंग के आदी मिले। दिन में दो से साढ़े चार घंटे तक मोबाइल पर चैटिंग, सोशल साइट देखते हैं। एक बार में 20 से 45 मिनट तक मोबाइल का उपयोग करते हैं।

विभागाध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी बताते हैं कि जिसे माइग्रेन समझ रहे थे, उसकी वजह मोबाइल पर लगातार चैटिंग है। मोबाइल की स्क्रीन छोटी होने के कारण नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे ये कमजोर होने लगती हैं। सिर, आंख, गर्दन में दर्द रहने लगता है। उपचार और मोबाइल का प्रयोग कम किए जाने पर ये समस्याएं खत्म हुई हैं। 
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30 डिग्री तक मोड़ लेते गर्दन, अंधेरे में देखते मोबाइल

चैटिंग के वक्त लोग 15 से 30 डिग्री तक गर्दन मोड़ते हैं। एसएन के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी पाल ने बताया कि इससे गर्दन की नसों पर दबाव पड़ने पर गर्दन, कंधे में भी दर्द रहता है। मोबाइल पर चैटिंग करने वालों में युवा अधिक हैं। 

एसएन के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव मोबाइल की रोशनी आंख के पर्दे को नुकसान पहुंचाती है। पलकें कम झपकते हैं, पर्दा शुष्क हो जाता है। इससे पर्दे में दर्द, अस्थायी धुंधलापन, जलन, खुजली होने लगती है।

बरतें ये सावधानियां:
- लेटकर मोबाइल पर चैटिंग कतई न करें।
- अंधेरे में मोबाइल लंबे समय तक न देखें।
- एक बार में पांच मिनट से अधिक मोबाइल न देखें।
- गर्दन को ज्यादा देर तक मोड़कर मोबाइल न रखें।
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