आंख, सिर और गर्दन दर्द और सिर का भारीपन रहना। लोगों में बढ़ती ये स्वास्थ्य समस्याएं लंबे समय तक मोबाइल का प्रयोग करने का परिणाम हो सकती हैं। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजी विभाग की स्टडी बताती है कि मोबाइल पर चैटिंग, सोशल मीडिया पर व्यस्त रहने वाले 12 फीसदी तक मरीजों को माइग्रेन जैसा दर्द हो रहा है। इनमें 16 से 30 साल के युवा अधिक हैं।
न्यूरोलॉजी विभाग में हर महीने करीब 3400 मरीज आते हैं। इनमें आठ से 12 फीसदी मरीज सिर-गर्दन और आंख दर्द को माइग्रेन समझकर आते हैं। पूछताछ में ये मोबाइल चैटिंग के आदी मिले। दिन में दो से साढ़े चार घंटे तक मोबाइल पर चैटिंग, सोशल साइट देखते हैं। एक बार में 20 से 45 मिनट तक मोबाइल का उपयोग करते हैं।
विभागाध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी बताते हैं कि जिसे माइग्रेन समझ रहे थे, उसकी वजह मोबाइल पर लगातार चैटिंग है। मोबाइल की स्क्रीन छोटी होने के कारण नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे ये कमजोर होने लगती हैं। सिर, आंख, गर्दन में दर्द रहने लगता है। उपचार और मोबाइल का प्रयोग कम किए जाने पर ये समस्याएं खत्म हुई हैं।