हर विषय में अलग लोगों ने यह किया होगा। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने तहरीर दी। इसके बाद थाना हरीपर्वत में धोखाधड़ी और कूटरचना की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें आरोपी किसी को नहीं बनाया गया है। कॉपियां कैसे बदली गईं, किसने लिखी हैं, यह सब विवेचना के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
एसएसपी ने गठित की एसआईटी
कॉपियां बदलने का मामला बड़ा है। इसलिए एसएसपी ने एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया है। इसका प्रभारी एसपी सिटी विकास कुमार को बनाया गया है। उनके साथ सीओ हरीपर्वत एएसपी सत्य नरायन, प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार, निरीक्षक रकाबगंज राकेश कुमार और तीन एसआई को सह विवेचक के रूप में शामिल किया गया है। एसआईटी अलग से जांच करेगी।
जांच एसटीएफ को सौंपी
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की बीएएमएस परीक्षा में कॉपी बदले जाने की जांच एसटीएफ को सौंप दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से किए गए ट्वीट में बताया गया है कि बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी की परीक्षा में कॉपी बदलने के मामले का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच यूपी एसटीएफ से कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
छात्र नेता नहीं आया हाथ
पुलिस छात्र नेता राहुल पाराशर की तलाश में लगी है। वह हाथ नहीं आ सका है। उसके पकड़े जाने के बाद ही उसके करीबियों का पता चलेगा। कापियां बदलने के खेल में कौन है, इसकी जानकारी हो सकेगी। विश्वविद्यालय और एजेंसी के कई कर्मचारी पुलिस के रडार पर हैं। पुलिस साक्ष्य संकलन कर रही है।