मथुरा के कोसीकलां के गांव कामर में महावीर का सिर कटा धड़ पोखर में मिलने के बाद गुरुवार को पुलिस ने उसका सिर बरामद कर लिया। युवक की हत्या उसके तीन दोस्तों ने मिलकर की थी। दोस्त पत्नी से विवाद और मायके जाने के पीछे महावीर को ही कारण मानता था। उसी रंजिश को परिजन ने हत्या का कारण बताया। पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़कर चालान कर दिया। पुलिस ने शव के दोनों भागों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
घटनाक्रम के अनुसार बुधवार की शाम को गांव कामर में एक पोखर में बिना सिर का धड़ तैरता हुआ ग्रामीणों ने देखा। पुलिस ने उसे निकाला तो उसकी शिनाख्त महावीर के रूप में हुई। पुलिस लगातार महावीर के सिर को तलाशने में जुटी थी। बृहस्पतिवार की सुबह उसे बरामद कर लिया गया।। इस मामले में मृतक युवक के भाई चंदन सिंह ने तहरीर दी। चंदन ने बताया कि करीब छह माह पूर्व दीपक की पत्नी विवाद के बाद मायके चली गई थी। तब से वह महावीर से रंजिश मानता था। 21 फरवरी की शाम को गांव के ही महावीर को आरोपी दीपक, जुगेंद्र उर्फ जुग्गा, विष्णु घर से बुलाकर ले गए थे। जिसके बाद से वह घर नहीं लौटा था।
महावीर अपने पास मोबाइल नहीं रखता लिहाजा उसे परिजन खोजते हुए घूम रहे थे। जब सिर कटा धड़ उन्होंने देखा तो हाथ के कड़े से उसकी पहचान की। सुबह पुलिस ने तालाब से सिर बरामद कर लिया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त छुरा को बरामद कर चालान कर दिया।
पुलिस से बचने के लिए नाटक खेला
प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि महावीर को मारने के बाद पुलिस से बचने के लिए नाटक खेला। जिस छुरा से हत्या की उसे बरामद करा दिया और स्वयं ही पोखर में शव मिलने का हल्ला मचा दिया, जिससे उन पर कोई शक न करे।