आगरा में फतेहपुरसीकरी के गांव नगला जन्नू में आर्थिक तंगी से परेशान एक दरी बुनकर परिवार में दिव्यांग मां और उसके बेटे ने जहर खाकर जान दे दी। घटना से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार में बचे मृतक युवक की पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोगों ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है।
बताया गया है कि फतेहपुरसीकरी थाना क्षेत्र के ग्राम नगला जन्नू निवासी दरी बुनकर मुबारक (35) छप्परनुमा घर में अपनी दिव्यांग मां अस्सो (65), पत्नी हलीमा, पुत्र जावेद, आवेद, पुत्री रूबीना और शबनम के साथ जीवन यापन कर रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवार को तमाम प्रयासों के बाद भी सरकारी आवास, वृद्धावस्था पेंशन आदि किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका।
इसके चलते परिवार की हालत दयनीय बनी रही। कुछ साहूकारों से मुबारक ने कर्ज भी ले रखा था। उसे नहीं चुका पाने से वह काफी परेशान था। साहूकारों के तगादे भी हो रहे थे। मुबारक ने अपने मन की पीड़ा अपनी मां अस्सो को बताई। ग्रामीणों का कहना है कि मां-बेटे में काफी स्नेह था। इसी के चलते गुरुवार की रात दोनों ने मिलकर विषाक्त पदार्थ खा लिया।
उनकी हालत बिगड़ने पर जानकारी परिवार के लोगों को हुई। वे दोनों को अस्पताल ले जाते इससे पहले ही अस्सो की मौत हो गई। जबकि मुबारक को सीएचसी ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद आगरा रेफर कर दिया। लेकिन परिजन और बस्ती वाले उसे भरतपुर अस्पताल ले गये। वहां उपचार के दौरान शुक्रवार की सुबह उसकी भी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।