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पानी के लिए हल्ला बोल, मटके फोड़े

Thu, 19 May 2016 01:59 AM IST
अमर उजाला आगरा
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पानी की समस्या - फोटो : Amar Ujala
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जलकल महाप्रबंधक के कार्यालय पर जमाया कब्जा, गमले तोड़े
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टेढ़ी बगिया पर मानव शृंखला बनाई, लौटा दिए पानी के टैंकर

भीषण गर्मी में पब्लिक सड़कों पर है और अफसर एसी दफ्तरों में। तमाम ज्ञापन और शिकायतोें के बावजूद लोग बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। ऐसे में अफसरों को जगाने के लिए प्रदर्शन को हथियार बना यमुनापार की जनता ने बुधवार को जलकल विभाग में हल्ला बोल दिया। पानी दो-पानी दो के नारे लगाते हुए जीएम के दफ्तर मेें मटके फोड़े, इससे भी गुस्सा शांत न हुआ तो वहां रखे गमलों को निशाना बनाया। इधर, टेढ़ी बगिया पर मानव शृंखला बना ट्रैफिक जाम कर दिया। विभाग की ओर से पानी के टैंकर भेजने पर ही लोग शांत हुए। 
बता दें कि यमुनापार इलाके में पिछले कई दिनों से पानी की भीषण किल्लत चल रही है। क्षेत्रीय पार्षद मीनाक्षी साकेत, बृजबाला झा और कंचन केशवानी ने जलकल विभाग के अधिकारियों को स्थिति से कई बार अवगत कराया था। 
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गुस्साए लोग भाजपा प्रदेश महामंत्री राम प्रताप चौहान के नेतृत्व में बुधवार दोपहर को जीवनी मंडी जलकल कार्यालय पहुंच गए। कार्यालय में महाप्रबंधक मंजू गुप्ता के न मिलने पर लोग भड़क गए। महिलाओं ने मटके फोड़ने शुरू कर दिए। गमले तोड़ डाले और पूरे कार्यालय पर कब्जा कर लिया। करीब एक घंटे बाद जीएम कार्यालय पहुंच गईं। भाजपा नेताओं ने उन्हें ज्ञापन दिया और कहा कि समाधान न हुआ तो बड़ा प्रदर्शन होगा। दीपक खरे, अजय जैसवाल, डब्बू पंडित, गजेंद्र चौधरी, मंगल सिंह, मिथिलेश, रामवती, बेबी, श्याम सुंदर आदि शामिल थे।
इसी बीच टेढ़ी बगिया क्षेत्र के लोगों ने हाथरस रोड जाम कर दिया। खाली बर्तन लेकर महिलाएं और बच्चे सड़क पर उतर आए। जानकारी पर थाना एत्माद्दौला की फोर्स पहुंच गया। महिलाएं बड़े अधिकारी को मौके पर बुलाने पर अड़ गईं। एसीएम द्वितीय अरुण कुमार पहुंचे। महिलाओं का कहना है कि आठ दिन से क्षेत्र में पानी नहीं आ रहा है। पानी माफिया सक्रिय हैं। सरकारी टैंकर झगड़े का कारण बन रहे हैं। एसीएम ने पानी के टैंकर बुलाए, लेकिन महिलाओं उन्हें लौटा दिया। उनकी मांग थी कि क्षेत्र में पाइप लाइन से सप्लाई दी जाए। फिलहाल पानी के टैंकर क्षेत्रों में भेजे गए। 

निजी हाथों में रा वाटर प्लांट

कर्मचारी यूनियन नेता यतेंद्र चाहर ने बताया कि पिछले दिनों जीएम ने जीवनी मंडी वाटर वर्क्स से रा वाटर प्लांट का संचालन निजी हाथों में सौंप दिया है। ट्रीटमेंट प्लांट पर अनुभवहीन कर्मचारी लगा दिए हैं। उन्हें पता ही नहीं कि कितना पानी इंटेकवेल से आ रहा है और कितना ट्रीटमेंट प्लांट से बाहर जा रहा है। उनका कहना है कि अधिकांश पानी ट्रीटमेंट प्लांट में आने से पहले ही यमुना में बह जाता है। हालांकि सचिव ने इन आरोपों का खंडन किया है। इस मामले को लेकर कर्मचारियों में आपस में ठनी हुई है। 


शहर में हो सकता है बवाल

जीएम जलकल ने जताई आशंका, डीएम को लिखा पत्र

सभी एसीएम और क्षेत्राधिकारियों को चौकन्ना रहने के निर्देश

शहर में पानी की समस्या से कानून व्यवस्था पर संकट खड़ा हो गया है। जलकल विभाग की महाप्रबंधक मंजू रानी गुप्ता ने डीएम को पत्र लिखकर यही आशंका जताई है। जीएम का कहना है कि गर्मियों के दिनों में यमुना का जलस्तर कम होने की वजह से पेयजल की किल्लत बढ़ जाती है। 
जलकल विभाग के अधिकारियों को घेरने, कार्यालयों में तोड़फोड़ जैसी घटनाएं हो रही हैं। जीएम के इस पत्र पर कार्यवाही करते हुए एडीएम सिटी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने सभी एसीएम और क्षेत्राधिकारियों को चौकन्ना रहने और कहीं भी कोई प्रदर्शन, जाम लगने के मामले को तुरंत निपटाने के निर्देश दिए हैं। 
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विधायक दबाए बैठ हैं हैंडपंप
सौ हैंडपंप लगवाने हैं और इतने ही कराने रीबोर
प्रदेश में पेयजल की समस्या को देखते हुए सरकार ने सभी विधायकों को 100 नए हैंडपंप लगवाने और 100 हैंडपंपों के रीबोर का कोटा दिया था। लेकिन जनता के दुख दर्द से माननीयों को कुछ लेना-देना नहीं है। जिले में अधिकांश विधायकों ने अभी तक जल निगम को हैंडपंपों की सूची तक नहीं सौंपी है। जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके चोपड़ा ने बताया कि उनके क्षेत्र में फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़ और एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इन तीनों में से अभी तक एत्मादपुर के विधायक धर्मपाल की सूची प्राप्त हुई है। बाह के विधायक पूर्व कैबिनेट मंत्री अरिदमन सिंह की सूची अभी तक अधूरी है। उनका कहना है कि 100 नए हैंडपंप और 100 रीबोर तो ऊंट के मुंह में जीरा है। उनके क्षेत्र में करीब 5000 हैंडपंप चाहिए थे। प्राथमिकता के आधार पर सूची भेजी जा रही है। आगरा ग्रामीण क्षेत्र से बसपा विधायक कालीचरण सुमन का कहना है कि सूची भेज दी है लेकिन यही झगड़े की जड़ बन गई है। यहां कम से 2500 रीबोर की जरूरत है। आगरा उत्तर सीट के विधायक जगन प्रसाद गर्ग और छावनी विधायक गुटियारी लाल दुबेश का कहना कि सूची तैयार, लेेकिन यह कोटा शहर के लिए नहीं है।
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