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आसमान से तालाब में गिरी जिप्सी, ढूंढ़ने में जुटे सेना के गोताखोर, पढ़िए क्या है माजरा

Thu, 08 Oct 2020 11:42 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

पैरा ड्रोपिंग जोन में यह जिप्सी लगभग दोपहर सवा बजे गिराई गई थी। डेढ़ बजे तालाब में जा गिरी। यह तालाब जोन से दो किमी दूर
है। सेना के जवाब आधा घंटा के भीतर ही पैराशूट को ट्रेस कर तालाब तक पहुंच गए। वहां लोगों की भीड़ लग चुकी थी। इसलिए
स्थानीय पुलिस की मदद ली गई।
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जिप्सी की तलाश करते सेना के जवान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मलपुरा पैरा ड्रॉपिंग जोन में बुधवार को हवाई जहाज से पैराशूट के साथ गिराई गई जिप्सी दो किमी दूर खलउआ गांव के तालाब में जा गिरी। पैराशूट ड्रोपिंग जोन में उतरकर रास्ता भटक गया था। सेना के 125 जवानों ने पांच घंटे तक  जिप्सी की तलाश की लेकिन इसका पता नहीं चला। रास्ता संकरा होने के कारण जेसीबी नहीं जा सकी। अब रेस्क्यू ऑपरेशन बृहस्पतिवार को फिर से शुरू किया जाएगा।
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पैरा ड्रोपिंग जोन में यह जिप्सी लगभग दोपहर सवा बजे गिराई गई थी। डेढ़ बजे तालाब में जा गिरी। यह तालाब जोन से दो किमी दूर है। सेना के जवाब आधा घंटा के भीतर ही पैराशूट को ट्रेस कर तालाब तक पहुंच गए। वहां लोगों की भीड़ लग चुकी थी। इसलिए स्थानीय पुलिस की मदद ली गई।

मलपुरा थाना के प्रभारी ने बताया कि सैन्य अधिकारी की सूचना पर पुलिस भेजी गई थी। जिप्सी निकाली नहीं जा सकी। गोताखोरों की भी मदद ली गई थी। गुरुवार सुबह फिर से तलाशी की गई।
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जोर से आवाज हुई... हम दौड़कर आए 
मौके पर पहुंचे गांव के हरबीर ने बताया कि बड़ी जोर की आवाज आई। ऐसा लगा तालाब में कोई धमाका हुआ है। सैंकड़ों लोग दौड़े चले आए। यह बड़ा तालाब है। काफी देर तक कुछ समझ ही नहीं आया। सेना के जवान पहुंचे, तब पता चला कि जिप्सी गिरी है।

दलदल होने से आई परेशानी
सेना केजवानों के साथ कई गोताखोर भी लगाए गए थे लेकिन तालाब में कीचड़ और दलदल है। इस कारण परेशानी आई। गोताखोर पूरे तालाब में नहीं जा पाए। शाम को अंधेरा हो जाने के कारण अभियान को विराम देना पड़ा।
 
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