गुरुद्वारा गुरु का ताल में भव्य आतिशबाजी।
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सतनाम वाहेगुरु, जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल। गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाश पर्व पर सुबह से देर रात तक गुरुद्वारों में यही गूंज रही। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के आगे मत्था टेक संगत धन्य हो गई। सबके आकर्षण का केंद्र गुरुद्वारा गुरु का ताल पर आतिशबाजी रही। रंगबिरंगी रोशनी से आसमां भी जगमग हो गया।
बुधवार रात प्रकाश पर्व के मौके पर गुरुद्वारा गुरु के ताल के प्रमुख संत बाबा प्रीतम सिंह के बटन दबाते ही ऑटोमेटिक आतिशबाजी शुरू हो गई। इसमें फुलझड़ी, राकेट, पटाखे, चकरी समेत 50 से अधिक आइटम शामिल रहे। सबसे ज्यादा हेलिकाप्टर, तितली, मोर की आतिशबाजी पसंद की गई। रोशनी और पटाखों से हेलिकाप्टर चलने और मोर नाचते देख बच्चे, युवा और महिलाओं ने खूब तालियां बजाईं।
रोशनी के जलने पर श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर लख लख बधाइयां... आतिशबाजी भी खूब भायी। मनमोहक आतिशबाजी देख लोग रोमांचित हो गए। रंगबिरंगी आतिशबाजी की वीडियो, फोटो और सेल्फी की लोगों में होड़ मच गई। करीब घंटे भर तक चली आतिशबाजी ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जत्थेदार राजेंद्र सिंह इंदौरिया, जत्थेदार अमरीक सिंह, महंत हरपाल सिंह, जत्थेदार पाल सिंह, सतनाम सिंह, उपेंद्र सिंह लवली, गुरमीत सिंह सेठी, दलजीत सिंह सेतिया, चौधरी मंजीत सिंह, परमिंदर सिंह ग्रोवर आदि मौजूद रहे।