बिना मशीन पत्थर को मनचाही डिजाइन में काटा गया
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उन्होंने पच्चीकारी होते हुए देखी तो पूछा कि बिना मशीन के पत्थर को कैसे मनचाही डिजाइन में काटा गया, तब उन्हें पच्चीकारी की कला का प्रदर्शन दिखाया गया। अधीक्षण पुरातत्वविद डाॅ. राजकुमार पटेल, इंजीनियर अमरनाथ गुप्ता, राजनरायन, सहायक पुरातत्वविद डॉ. जितेंद्र कुमार और वरिष्ठ संरक्षण सहायक प्रिंस वाजपेयी ने जी-20 मेहमानों को संरक्षण की जानकारी दी।
ताज की डिजिटल मैपिंग का वीडियो देखा
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ताज की डिजिटल मैपिंग का वीडियो देखा
जी-20 मेहमानों के लिए पहली बार ताजमहल पर तैयार किया गया डिजिटल मैपिंग का वीडियो जारी किया गया। एएसआई ने देश के केवल तीन स्मारकों के डिजिटल मैप तैयार किए हैं। ये स्मारक हैं धौलावीरा, अजंता-एलोरा की गुफाएं और ताजमहल। डिजिटल मैपिंग में ताजमहल के उन हिस्सों को भी दिखाया गया है, जहां पर्यटक नहीं जा पाते।
मेहमानों को असली कब्रों के साथ गुंबद के ठीक ऊपर और अंदर कब्रों की प्रतिकृति की डिजाइन और जालियों के काम को दिखाया गया है। यहीं पर दालान में एलईडी स्क्रीन के पास स्मारकों पर साल 2015 से 2022 के बीच किए गए संरक्षण कार्यों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें तस्वीरों के माध्यम से दिखाया गया कि एएसआई स्मारकों को उनके मूल स्वरूप में कैसे लाया।
जी-20 देशों के मेहमान ताजमहल पहुंचे
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डेढ़ घंटे तक रहे ताजमहल में
शाम को 4:30 बजे जी-20 देशों के मेहमान ताजमहल पहुंचे। यहां उन्होंने ताजमहल की पच्चीकारी, इतिहास, निर्माण और स्थापत्य की जानकारी ली। गाइडों और एएसआई अधिकारियों ने जी-20 समूह के सदस्यों को उनके सवालों के जवाब दिए। ज्यादातर ने काले ताजमहल और कारीगरों के हाथ काटने के सवाल पूछे।
जी-20 मेहमानों को संरक्षण की जानकारी दी गई
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मेहमानों को मुख्य गुंबद पर डिजाइन और पच्चीकारी उनको विस्मित करती रही। यहां उन्होंने जमकर सेल्फी लीं। परिजन को वीडियो कॉल कर ताज को दिखाया। प्रतिनिधिमंडल ने एएसआई, पुलिस, प्रशासन, गाइडों के साथ रेड स्टोन प्लेटफार्म पर तस्वीरें भी खिंचवाईं।