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आगरा पहुंचा ब्लू व्हेल का जिन्न, बच्चों पर पल-पल नजर रख रहे अभिभावक

Sat, 19 Aug 2017 04:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
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blue whale
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दुनिया भर में कोहराम मचाने के बाद भारत में तेजी से अपना शिकंजा कंस रहे ‘ब्लू व्हेल चैलेंज’ गेम से आगराइट्स भी भयभीत हैं। माता-पिता अपने बच्चों पर निगाह रख रहे हैं। उन्हें इस मौत के खेल से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। 
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स्कूलों में शिक्षक भी विद्यार्थियों से ऐसे भ्रामक वीडियो गेम से सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं। बच्चों के माता-पिता से भी उनके द्वारा इंटरनेट पर की जा रही गतिविधियों पर निगरानी रखने की सलाह दी जा रही है। 

मनोरोग विशेषज्ञ डा. यूसी गर्ग का कहना है कि ब्लू व्हेल चैलेंज गेम एक खूनी खेल के जैसा है। यह अपरिपक्व मस्तिष्क पर ज्यादा गहरा असर कर रहा है। इसका परिणाम है कि देश में छह बच्चों ने इस खेल में अपनी जान गवाई है। 
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यह एक प्रकार का मानसिक रोग है, जिसमें बच्चे किसी खेल में चैलेंज पूरा न कर पाना अपनी हार मानते हैं। इसके लिए नियमित तौर पर अभिभावकों के साथ ही शिक्षकों को भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है। जागरूकता ही इससे बचाव कर सकती है।  
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इंटरनेट के दौर में बच्चों पर निगरानी कठिन

मोबाइल की लत - फोटो : डेमो पिक
देश में पिछले दो हफ्ते में ब्लू व्हेल चैलेंज गेम खेलने के दौरान छह बच्चों ने आत्महत्या कर ली है। इसके दुष्परिणामों को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में इसके खिलाफ जनहित याचिका भी दायर की जा चुकी है। इसमें गूगल, फेसबुक और याहू जैसी इंटरनेट साइटों से गेम का लिंक हटाने को कहा गया है। 
 
आगरा के बल्केश्वर निवासी विनीत जैन बोले कि मैंने जबसे इस खेल के बारे में सुना है। बच्चों पर अधिक ध्यान रख रही हूं। इंटरनेट के दौर में बच्चों का ख्याल रखना और भी कठिन हो गया है। 
 
कमला नगर निवासी कविता अग्रवाल का कहना है कि परिवार के सभी बच्चों पर ध्यान रखा जा रहा है। इस खेल के प्रति बच्चों को जागरूक भी कर रहे हैं। साथ ही स्कूलों में भी इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है।
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