कासगंज रेलवे स्टेशन पर कोलकाता आगरा कैंट एक्सप्रेस से माल उतारा गया। इसकी सूचना पर जीएसटी अधिकारी वहां पहुंच गए। बताया जा रहा है कि कर चोरी की आशंका पर जीएसटी के अधिकारी जांच कर रहे हैं।
कासगंज रेलवे जंक्शन पर कोलकाता-आगरा सुपरफास्ट ट्रेन से जीएसटी की चोरी करके लाए जा रहे रेडीमेड हौजरी का माल जीएसटी टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जब्त कर लिया। पकड़े गए माल की कीमत अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जीएसटी टीमों की इस कार्रवाई से कर चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। अभी जीएसटी टीमों द्वारा विस्तार से जांच पड़ताल की जाएगी।
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जीएसटी मुख्यालय लखनऊ से ज्वाइंट कमिश्नर केके रॉय एवं जीएसटी एसआईवी के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार सिंह को कोलकाता-आगरा एक्सप्रेस में एक उच्च क्षमता पार्सल यान में माल आने की सूचना मिली। इस सूचना पर ज्वाइंट कमिश्नर एवं डिप्टी कमिश्नर ने अलीगढ़, कासगंज व एटा खंड के अधिकारियों की टीमें गठित कीं और रेलवे जंक्शन पर सुबह ही पहुंच गए।
सूचना के मुताबिक ट्रेन में पार्सल यान 201733/सी लगा हुआ था। इस पार्सलयान में 214 नग माल बोरों में पैक था। यह माल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर उतरा। पार्सल यान में कासगंज के अलावा फर्रुखाबाद के रेडीमेड कारोबारियों का माल था। यह माल उमेश कुमार निवासी कासगंज के नाम से बुक कराया था।
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सिर्फ 21 नग का जीएसटी बिल था
जीएसटी एसआईवी के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पार्सल यान की क्षमता 240 नग की थी, लेकिन इसमें 214 नग ही थे। इनमें 21 नग का जीएसटी बिल था। इसके अलावा और किसी नग का कोई बिल नहीं था। डिप्टी कमिश्नर का कहना है कि सभी नग जब्त करने की कार्रवाई की गई है। अब टीम गठित करके माल खोलकर कीमत का निर्धारण किया जाएगा। इसके बाद कर निर्धारण की कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि यह बड़ा मामला है कि पहली बार इस तरह से रेलवे की बोगी बुक करके माल टैक्स चोरी करके लाया गया है। उन्होंने बताया कि छापामार कार्रवाई के दौरान सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार, संजीव कुमार, मनोज कुमार, कृष्ण मौर्य, सुखराम वर्मा के अलावा सीटीओ पीयूष गौतम, मनीष, अजमल खां, महेश कुमार, सुधीर कुमार, राजीव कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
21 बिलों की 4 लाख रुपये है कीमत
जीएसटी की टीम को प्रारंभिक जांच पड़ताल में रेलवे के पार्सल यान से मिले रेडीमेड हॉजरी के माल के साथ केवल 21 नगों के बिल थे। जिनकी कीमत करीब 4 लाख रुपये के आस पास है।
जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार सिंह ने इस मामले में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि रेलवे के पार्सल यान को पूरा बुक कराकर माल लाया गया। ऐसा पहली बार हुआ है। इससे पहले कुछ कारोबारी छोटा-छोटा माल लाते थे। जिसकी सूचनाएं मिलती थीं।
रेलवे पुलिस व जीएसटी टीम के बीच कार्रवाई को लेकर हुई बहस
जीएसटी टीम की कार्रवाई के दौरान आरपीएफ और जीआरपी की टीम भी रेलवे स्टेशन पर मौजूद थी। जीएसटी की टीम जब माल के जब्तीकरण की कार्रवाई की बात कर रही थी तो रेलवे के आरपीएफ इंस्पेक्टर ने अपनी आपत्ति जताई।
उनका कहना था कि जब तक माल जिस पार्टी के नाम बुक है उसे हस्तांतरित नहीं किया जाता तब तक यह रेलवे की संपत्ति है। इस पर जीएसटी के अधिकारियों ने उनसे बहस की। मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद कार्रवाई पर सहमति बनी। जीएसटी टीम सायं के समय माल को वाहनों के माध्यम से लोड कराकर एटा जीएसटी कार्यालय ले गई।