कासगंज। कोरोना संक्रमण का असर सिर्फ सेहत पर ही नहीं पड़ा अपितु जिले की अर्थव्यवस्था को भी करारा झटका लगा है। जीडीपी गिरने के कारण जिले के जीएसटी में भी बड़ी गिरावट आई है। विगत वर्ष की तुलना में इस साल जीएसटी संकलन में 42 फीसदी तक कमी आई है। संक्रमण के दौरान मेडिकल और किराना व्यवसाय ही जीएसटी का मुख्य स्रोत रहा।
विगत वर्ष एक अप्रैल से 31 अगस्त तक विभाग ने 17.95 करोड़ रुपये का जीएसटी संकलन किया। व्यापारियों ने विभाग को राजस्व का लाभ कराया, लेकिन इस साल कोरोना संक्रमण का असर जीएसटी संकलन पर साफ साफ दिखाई दिया। इस साल एक अप्रैल से 31 अगस्त तक 10.40 करोड़ रुपये जीएसटी का संकलन हो सका।
इस प्रकार जीएसटी संकलन में कुल 7.55 करोड़ रुपये की कमी आई। इसका कारण प्रमुख कारण कोरोना संक्रमण में व्यापार का प्रभावित होना रहा। जीएसटी के मुख्य स्रोतों से संकलन नहीं हो सका। कोरोना काल में सिर्फ मेडिकल और किराना व्यवसाय ही संकलन के मुख्य स्रोत बने। हालांकि अनलॉक में अन्य व्यवसायों से कुछ हद तक जीएसटी बढ़ा है।
बढ़े व्यापारी, घटा कर
जीएसटी विभाग में विगत वर्ष की अपेक्षा इस साल व्यापारियों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन कर में कमी आई है। पिछले साल एक अप्रैल से 31 अगस्त तक कुल 379 व्यापारियों ने नया पंजीकरण कराया था। जबकि इस साल 419 व्यापारियों ने पंजीकरण कराया है। इस तरह कुल 40 व्यापारी इस साल नए बढ़ गए।
पिछले और इस साल अब तक कोरोना काल का जीएसटी संकलन
माह पिछले साल इस साल
अप्रैल 2.59 करोड़ 11 लाख
मई 2.96 करोड़ 72 लाख
जून 3.84 करोड़ 1.98 करोड़
जुलाई 4.93 करोड़ 4.43 करोड़
अगस्त 3.63 करोड़ 3.16 करोड़
कुल 17.95 करोड़ 10.40 करोड़
फैक्ट फाइल-
- 4800 जीएसटी पंजीकृत व्यापारी हैं जिले में।
- 2 सेक्टर में अलग अलग होता है जीएसटी संकलन।
व्यापारियों की बात-
- लॉकडाउन में व्यापार प्रभावित रहा। इससे जीडीपी में गिरावट आई और व्यापार न होने के कारण जीएसटी में कमी हुई है। अभी भी पूरी तरह व्यापार पटरी पर नहीं है।
- अखिलेश अग्रवाल, व्यापारी।
- लॉकडाउन के दौरान व्यापार ठप रहा। दूसरे शहरों से भी उत्पाद नहीं आ सके। इस कारण जीएसटी में कमी आई। अनलॉक शुरू होने के बाद नियमित बिक्री के आधार पर जीएसटी जमा कर रहे हैं।
दीपक अग्रवाल, कारोबारी।
वर्जन-
- लॉकडाउन में व्यापार पर प्रभाव पड़ा। इससे जीएसटी संकलन में कमी आई है। धीमे-धीमे व्यापार पटरी पर आ रहे हैं। जीएसटी संकलन पिछले साल की तरह बढ़ने लगा है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल अनुमानित 42 प्रतिशत कमी आई है।
- हरिराम वर्मा, असिस्टेंट कमिश्नर, जीएसटी अलीगढ़।