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जीएसटी सचल दल पर लगाम: अब मनमाने ढंग से नहीं रोक सकेंगे मालवाहक वाहन, चेकिंग से पहले लेनी होगी मंजूरी

Tue, 03 Nov 2026 08:56 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

जीएसटी काउंसिल ने मालवाहक वाहनों की मनमानी जांच पर लगाम लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। अब सचल दल को चेकिंग से पहले संयुक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी की अनुमति लेनी होगी।
 
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जीएसटी विभाग की तरफ से पकड़ी गई गाड़ियां - फोटो : स्त्रोत- जीएसटी विभाग
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विस्तार
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माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत सड़कों पर मालवाहक वाहनों की बेवजह जांच और व्यापारियों के कथित उत्पीड़न पर लगाम लगाने के लिए जीएसटी काउंसिल ने बड़ा फैसला लिया है। अब सचल दल (मोबाइल स्क्वाड) राह चलते किसी भी वाहन को मनमाने ढंग से रोककर उसकी जांच नहीं कर सकेगा।
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जांच के लिए इन्हें संयुक्त आयुक्त स्तर के वरिष्ठ अधिकारी की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी। यह व्यवस्था 1 अप्रैल से प्रभावी होगी। जीएसटी काउंसिल की बैठक में यह कदम व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। लंबे समय से व्यापारिक संगठनों और ट्रांसपोर्टरों की शिकायत थी कि ई-वे बिल में छोटी-मोटी लिपिकीय त्रुटियों या मामूली तकनीकी कारणों का हवाला देकर सचल दल गाड़ियों को रोक देते हैं, जिससे माल की आवाजाही प्रभावित होती है।

संयुक्त आयुक्त एके सिंह ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद सचल दल केवल पुख्ता सूचना और संयुक्त आयुक्त के लिखित या डिजिटल अनुमोदन के आधार पर ही चेकिंग कार्रवाई कर सकेंगे। इससे भ्रष्टाचार और उत्पीड़न पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
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