मौसम की मार से किसान पूरी तरह तबाह हो गया है। गेहूं और सरसों की फसल कट रही है। गेहूं कटकर खेतों में पड़ा है। कुछ का खलिहान में पहुंच गया है। ऐसे में हुई बारिश की वजह से दाना काला पड़ गया है। फसल सड़ने लगी है। इस तबाही से गमगीन किसान फसल नुकसान का सही आकलन न होने से प्रशासन के खिलाफ बेहद गुस्से में हैं। उनका कहना है कि लेखपाल सर्वे करने तक नहीं पहुंच रहे हैं।
गोरऊ गांव के पीड़ित किसान शनिवार को मुआवजे की मांग को लेकर तहसील पहुंचे थे। उनका आरोप था कि लेखपाल ठीक से सर्वे नहीं कर रहे हैं। मौके पर एसडीएम और लेखपाल के मिलने से उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और जमकर नारेबाजी और हंगामा किया। गुस्साए किसानों ने लेखपालों से धक्कामुक्की कर दी। नायब तहसीलदार ने किसानों को सही आकलन कराने और मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया। तहसीलदार महेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में रघुनाथ सिंह प्रधान, रजीत सिंह, ज्ञान सिंह परमार, राजेश सिंह, शिव सिंह आदि मौजूद रहे।
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सर्वे का इंतजार, खेतों में सड़ रही फसल
बाह/फतेहपुर सीकरी/किरावली/मलपुरा। सर्वे के इंतजार में किसानों की फसल खेतों में सड़ रही है। इससे किसानों में आक्रोश है। बाह के टोडीपुरा, धोबई, बिजौली, पिढ़ौरा, भदरौली, कल्यानपुरा आदि गांवों के किसानों ने तहसील में प्रदर्शन का एलान किया है। फतेहपुर सीकरी में किसान किसी तरह फसल को घर ले जाना चाहते हैं, इसलिए कटाई में जुटे हैं। किरावली में भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डा. हितेंद्र सिंह इंदौलिया ने गांवों का दौरा कर एसडीएम रेखा एस चौहान से किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की। जनूथा के किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। अछनेरा में बबरौद के प्रधान नाहर सिंह उर्फ छुट्टन और कचोरा के प्रधान गुलाब सिंह ने मुआवजे की मांग की है। आगरा ग्रामीण क्षेत्र के विधायक कालीचरन सुमन और एसडीएम सदर ने कई गांवों का मुआयना किया। विकास खंड अकोला और बरौली अहीर के गांवों में गेहूं की पूरियां पानी में लबालब मिलीं। विधायक ने कहा कि किसान बर्बाद हो गया है। जल्द मुआवजा दिया जाए। अरविंद चाहर, तोरन काका, शंभुदयाल, लाल सिंह, हरेंद्र, कल्याण सिंह आदि ने भी मुआवजे की मांग की है।
इन गांव के किसान भुखमरी के कगार पर
आगरा। गांव मनकेड़ा, नगला कारे, गामरी, मलपुरा, नगला हट्टी, नगला जयराम, नौमील, धनौली, पिनानी, रामनगर, लालउ, गढ़सानी, खाल-खलौआ, मिर्जापुर, बल्हैरा, गामरी, जारूआ कटरा, इटौरा, हरिलाल की गढ़ी, ककुआ, करोधनाकलां समेत सैकड़ों गांव।
48 घंटे में बारिश में इनकी गई जान
- नाथूराम (55) पुत्र चुखर निवासी पोहा, टीकम गढ़, मध्य प्रदेश, टीनशेड गिरने से मौत।
- वीरी सिंह (45) पुत्र रनवीर जरारी, तहसील फतेहाबाद, नुकसान से दुखी होकर फांसी लगाई।
- जीतू (18) पुत्र गंगाराम निवासी नीबरी, तहसील फतेहाबाद, पेड़ गिरने से दबकर मौत।
- मोनू (19) पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी नीबरी, तहसील फतेहाबाद, पेड़ गिरने से दबकर मौत।
- अभिजीत (19) पुत्र रामभरोसी निवासी सुरहरा तहसील एत्मादपुर, पेड़ गिरने से दबकर मौत
खेत-खेत जाकर करें सर्वे
किसानों को हुए नुकसान को लेकर शासन भी गंभीर है। कैबिनेट मंत्री अरिदमन सिंह ने जिलाधिकारी से वार्ता कर निर्देश दिए हैं कि नुकसान के आकलन में लापरवाही न बरती जाए। लेखपाल खेत-खेत जाकर सर्वे करें।