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UP: मालगोदाम में काट डाले हरे पेड़, 1.15 करोड़ रुपये का जुर्माना; सुप्रीम कोर्ट से में की गई सिफारिश

Fri, 24 Jan 2025 10:03 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के  रेल मालगोदाम में हरे पेड़ काट दिए गए। इस मामले में सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर दी है। हरियाली का कत्ल करने पर  1.15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की भी सिफारिश की गई है।  
 
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के बेलनगंज रेल मालगोदाम में काटे गए पेड़ों के मामले में सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने बृहस्पतिवार को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दी है। सीईसी ने बिना अनुमति काटे गए पेड़ों के लिए 1.15 करोड़ रुपये जुर्माना लगाने की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट से की है। कमेटी सचिव भानुमति ने मालगोदाम में 23 नहीं, बल्कि 115 पेड़ों की कटाई मानी है। इसके एवज में 2.3 हेक्टेयर जमीन पर 2300 पेड़ लगाने की सिफारिश की है।
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सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार को बृहस्पतिवार को रिपोर्ट नंबर 3 दाखिल की। इसमें कमेटी ने डॉ. शरद गुप्ता की पेड़ काटने की शिकायत पर पूरा ब्योरा कोर्ट के सामने रखा है। 60 पेज की रिपोर्ट में कमेटी ने संयुक्त निरीक्षण और सभी पक्षों के रुख को सामने रखा है। इसमें सिफारिश की गई है कि कोर्ट की बिना अनुमति के काटे गए पेड़ के लिए हर पेड़ पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाए। गणपति बिल्डर पर 115 पेड़ काटने पर 1.15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाए। यह रकम वन विभाग के पास जमा कराई जाएगी। वन विभाग अवैध कटान के लिए उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1976 के तहत भी जुर्माना ले सकता है।
 

2,300 पेड़ लगाने होंगे, नगर वन होगा घोषित
सीईसी ने 1.15 करोड़ रुपये के जुर्माने के साथ पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए 1,150 पेड़ लगाने और दंड के रूप में 1,150 पेड़ यानी कुल 2,300 पेड़ लगाने की सिफारिश की है। यह 2.30 हेक्टेयर जमीन पर लगाए जाएंगे, जिसे बाद में राज्य सरकार संरक्षित वन और नगर वन घोषित करेगी। मालगोदाम की जमीन के एक हिस्से पर मौजूद 62 पेड़ों को न काटने की सिफारिश की है। एडीए से कहा गया है कि जिस जगह वन विभाग पौधरोपण करेगा, वहां कोई निर्माण कार्य न हो। जब तक कोर्ट की सभी शर्तें पूरी नहीं हो जाती, तब तक जमीन पर कोई निर्माण कार्य की अनुमति न दी जाए।

 
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रेलवे के अफसरों पर की जाए कार्रवाई
सीईसी ने रेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है, जिन्हें जमीन की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया था। ताज ट्रेपेजियम जोन अथॉरिटी के अध्यक्ष को जिम्मेदारी दी गई है कि वह तय करें कि सुप्रीम कोर्ट की सभी शर्तों का पालन किया जाए। हर 3 माह में उन्हें सीईसी को अनुपालन की रिपोर्ट देनी होगी।

 
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