आगरा में दहेज की मांग पूरी न होने पर पति व अन्य ने विवाहिता को जिंदा जला दिया था। इस मामले में अदालत ने हरीपर्वत क्षेत्र के नगला छिद्दा निवासी पति इंद्रजीत को दोषी पाया। अपर जिला जज प्रथम अखिलेश कुमार पांडेय ने पति को 10 साल कैद और पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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थाना हरीपर्वत में थाना मंटोला क्षेत्र के टीला नंदराम निवासी बच्चू सिंह ने तहरीर दी थी। इसके मुताबिक 20 दिसंबर 2007 उन्होंने पुत्री सोनी की शादी इंद्रजीत के साथ की थी। आरोप लगाया था कि पति इंद्रजीत, जेठ कप्तान, देवर शशि कपूर और सास-ससुर अतिरिक्त दहेज में मोटरसाइकिल और नगदी की मांग कर उत्पीड़न करने लगे।
अलीगढ़ में आयोजित शादी समारोह में आरोपियों ने उनके सामने ही पुत्री सोनी की पिटाई की। 15 दिसंबर 2009 को मिट्टी का तेल डालकर पुत्री को जिंदा जला दिया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान सास शांति देवी की मौत हो गई तो उसकी पत्रावली बंद कर दी गई। गवाह और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पति को दोषी पाया। जेठ कप्तान और देवर शशि कपूर को ठोस साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। संवाद