ग्रेटर आगरा बनने का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट में प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। अब भूमि अधिग्रहण प्रभावित किसानों को 277 करोड़ मुआवजा और 205 करोड़ अनुग्रह राशि दी जाएगी।
आगरा के इनर रिंग रोड पर ग्रेटर आगरा बसने का रास्ता साफ हो गया। लैंड पार्सल में शामिल रहनकला और रायपुर की भूमि के बदले किसानों को 482 करोड़ रुपये मुआवजा मिलेगा। बुधवार को महाकुंभ में आयोजित यूपी कैबिनेट की बैठक में मुआवजा से अतिरिक्त 205 करोड़ की अनुग्रह राशि प्रस्ताव पर मुहर लग गई।
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रहनकला व रायपुर में आगरा विकास प्राधिकरण ग्रेटर आगरा योजना प्रस्तावित है। जहां आवासीय, व्यावसायिक भूखंड व भवन बनेंगे। जमीन को लेकर चल रही अड़चन खत्म हो गई। 100 मीटर चौड़ी इनर रिंग रोड पर लैंड पार्सल के लिए एडीए ने 2009-10 में 442 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की थी। जिसका मुआवजा नहीं मिलने से किसान आंदोलित थे।
किसान जमीन वापसी की मांग पर अड़े थे। लेकिन, जमीन वापसी से इनकार करते हुए एडीए ने शासन को मुआवजा वितरण में देरी के बदले अनुग्रह राशि देने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इस प्रस्ताव पर बुधवार को मुहर लग गई।
क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में आंदोलित किसानों का प्रतिनिधिमंडल जनवरी के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला था। एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि शासन से बजट मिलते ही मुआवजा वितरण का काम शुरू हो जाएगा। किसानों को 442 हेक्टेयर भूमि के बदले करीब 277 करोड़ रुपये मुआवजा और 205 करोड़ अनुग्रह राशि कुल 482 करोड़ रुपया प्रतिकर के रूप में बांटा जाएगा।
कुछ भूमि यूपीसीडा के पास है। जिसे औद्योगिक विकास क्षेत्र से पृथक कर एडीए को सौंपा जाएगा। औद्योगिक विकास विभाग की 2015 में जारी अधिसूचना में भी संशोधन होगा। एडीए इस क्षेत्र में ककुआ और भांडई की तरह आवासीय योजना बनाएगा। भाजपा पूर्व विधायक राम प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि किसानों के हित में उन्होंने भी मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था।