फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विराट हिंदू सम्मेलन: 'जिसके माथे पर तिलक लगा हो...', प्रयागराज विवाद पर देवकीनंदन ठाकुर ने कही ये बड़ी बात

Thu, 22 Jan 2026 06:01 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

जीआईसी मैदान पंचकुइयां में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन के पहले दिन सम्मेलन में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर शामिल हुए।  
विज्ञापन
देवकीनंदन ठाकुर महाराज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए व्यवहार पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। अपने सामने धर्म संकट बताते हुए कहा कि दोनों अपने ही हैं। एक तरफ भगवान रूपी शंकराचार्य हैं। उन पर किसी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। मेरे गुरु ने बड़ों का आदर करना सिखाया है। वहीं दूसरी ओर वो हैं, जो बड़ी संख्या में आए लोगों की चिंता कर रहे हैं। इतना जरूर कहना चाहूंगा, इसे बढ़ाना नहीं चाहिए। आपसी मतभेद भुलाकर सुलझा देना चाहिए। प्रशासन से कहा कि जिसके माथे पर तिलक, सिर पर शिखा और शरीर पर भगवा हो, उनकी बात सुननी चाहिए। मारपीट करना ठीक नहीं है। वह बृहस्पतिवार को पंचकुइयां स्थित जीआईसी मैदान में विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सनातनी पाकिस्तान में नहीं बचे, अफगानिस्तान में खत्म हुए और बांग्लादेश में भी वही हो रहा है। कश्मीर से भागना पड़ा और पश्चिम बंगाल में भी संकट में हैं। जिस दिन बांग्लादेश जैसा हाल हुआ, आगरा छोड़ना पड़ेगा। हिंदू नहीं जागे तो यही हाल देश के हर कोने में होगा इसलिए अभी समय है खुद को संभालने और सोए हिंदुओं को जगाने का। जाति-धर्म भूलकर संगठित होकर ऐसे राष्ट्र का निर्माण करने का जिसमें आने वाली पीढि़यों को एक हजार वर्षों तक कोई धर्मांतरण के लिए मजबूर न कर सके।

हम डरा नहीं रहे, भविष्य की चिंता कर रहे
देवकीनंदन ठाकुर कहा कि हम डरा नहीं रहे हैं। भविष्य की चिंता कर रहे हैं। भविष्य का निर्माण वर्तमान परिस्थितियों को देखकर किया जाता है। आसपास के हालात आप देख ही रहे हो। पहलगाम में आतंकी धर्म पूछकर सनातनियों को मार देते हैं। बेटियों की मांग को उजाड़ देते हैं। यह संकेत चिंतन कर नई राह पर चलने का है। पहलगाम में हिंदू ज्यादा होते तो वहां गोली नहीं चलती। यह लोग वहीं आतंक मचाते हैं जहां हिंदू कम हैं।
विज्ञापन


हिंदू दिखना ही नहीं, बनना भी है
आगरा में यमुना है। शिव के प्राचीन मंदिर हैं। फिर भी उसे ताजमहल से पहचान दी गई, क्योंकि हिंदू सोया हुआ है। उसे सनातन संस्कृति से शिक्षित होने की जरूरत है। हम राम को मानते हैं, राम की नहीं, कृष्ण को मानते हैं, लेकिन कृष्ण की नहीं। सभी देव शास्त्र के ज्ञान के साथ शस्त्र भी रखते थे। आप भी बच्चों को शस्त्र और शास्त्र की भाषा सिखाओ।

शुभम की पत्नी ने बयां किया दर्द
कार्यक्रम में पहलगाम हमले में आतंकियों की गोली का निशाना बने कानपुर निवासी शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या ने कहा कि मेरे पति को बस इसलिए मारा डाला कि वह हिंदू थे। उन्हें कलमा पढ़वाने को मजबूर किया और गोली मार दी। हर आतंकी घटना के पीछे एक ही धर्म के लोग होते हैं। वे धर्म पूछकर मारते हैं आप धर्म पूछकर उनसे सामान खरीदना बंद कर दो।


युवाओं को जागना होगा
साध्वी समाहिता देवी ने कहा कि युवा ख्वाबों की चादर में सोए हुए हैं। उन्हें जगाने की जरूरत है। वह वैचारिक मंथन दूर है। मोबाइल ने उन्हें परिवारों के पास होते हुए भी दूर कर दिया है। दरिंदे नाम बदलकर झूठे सपने दिखाकर बेटियों को लव जिहाद के लिए मजबूर कर रहे हैं। 2012 में आगरा से एमबीबीएस करने वाली बेटी को झूठे प्यार में फंसाकर उत्पीड़न करने वाला अब लखनऊ में पकड़ा गया है। पहलगाम में जो हुआ सबने देखा। वो धर्म पूछकर मारते हैं, आप धर्म पूछकर इनसे सामान खरीदना बंद कर दो। इस दौरान संघ प्रचारक हरीश, समाजसेवी रजत अस्थाना, कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक विजय शिवहरे, प्रभु दयाल कठेरिया, दिलीप, निर्मला दीक्षित, करन गर्ग व अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन




">http://


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें