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UP: 125 फीट ऊंचाई पर लहराएगी पंचशील पताका, सम्राट अशोक के महल जैसा बनेगा मंच; भव्य सजेगी भीमनगरी

Wed, 08 Apr 2026 11:31 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आंबेडकर जयंती पर ग्यासपुरा में तीन दिवसीय भीमनगरी का आयोजन होगा, जिसमें भव्य मंच तैयार किया जा रहा है। सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामूहिक विवाह और मेधावी छात्रों के सम्मान जैसे आयोजन इसमें शामिल रहेंगे।
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भीमनगरी का सजता हुआ मंच - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर इस बार शाहगंज के ग्यासपुरा में 15 से 17 अप्रैल तक तीन दिवसीय भीमनगरी आयोजित की जा रही है। मुख्य मंच जीआईसी मैदान पर बनाया जा रहा है, जिसे सम्राट अशोक के महल की तर्ज पर कोलकाता के 80 से ज्यादा कारीगर बना रहे हैं। यह महल 125 फीट ऊंचा और 300 फीट चौड़ा बनाया गया है, जिसमें 125 फीट की ऊंचाई पर पंचशील की पताका और पहली बार राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा। महल पर अशोक चिह्न भी उकेरा जाएगा।
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भीमनगरी आयोजन समिति केंद्रीय कमेटी के अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि भगवान बुद्ध के संदेशों को दुनियाभर में पहुंचाने वाले सम्राट अशोक के महल की तर्ज पर मुख्य मंच बनाया जा रहा है। मुख्य महल के आगे छह फीट ऊंचा, 200 फीट लंबा और 70 फीट चौड़ा मंच रहेगा। इसके आगे दो फव्वारे और सजावट के लिए फूलों के गमले लगाए जाएंगे। वीआईपी मेहमानों और पदाधिकारियों के दो मंच बनाए जाएंगे। पूरा परिसर बोधित्व थीम पर तैयार किया जाएगा, जहां पंचशील के झंडे अनूठी छटा बिखेरेंगे।


 
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तीन दिन तक ये होंगे कार्यक्रम
भीमनगरी कमेटी के संरक्षक करतार सिंह भारतीय ने बताया कि 15 अप्रैल को जीआईसी मैदान में भीमनगरी का उद्घाटन होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए भगवान बुद्ध और डॉ. आंबेडकर के संदेश और जीवन के बारे में बताया जाएगा। 16 अप्रैल को 101 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराने की योजना है, जिसके लिए पंजीकरण कराए जा रहे हैं। 17 अप्रैल को मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान और आगामी वर्ष के लिए भीमनगरी के स्थल को चुनकर घोषणा की जाएगी। आगरा और इसके आसपास के जिलों से तीन दिनों में लाखों लोगों के इस महोत्सव में उमड़ने की उम्मीद है।
 

विकास कार्यों की धीमी रफ्तार से नाराजगी
भीमनगरी की क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष सुभाष सागर ने बताया कि नगर निगम ने इस बार विकास कार्य बेहद धीमे शुरू किए हैं। 4 अप्रैल को री-टेंडर किए गए हैं, ऐसे में समय पर काम पूरे नहीं हो पाएंगे। बस्तियों, गलियों में निर्माण कार्य अधूरे हैं। आनन-फानन में इन्हें पूरा किया जाएगा तो गुणवत्ता प्रभावित होगी, जबकि मेयर, नगर आयुक्त से कमेटी के सदस्य मिलकर अपनी चिंता जता चुके हैं। केंद्रीय कमेटी अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी के मुताबिक आंबेडकर बगीचियों की मरम्मत, रंग-रोगन का काम भी शुरू नहीं किया गया है, जबकि सप्ताहभर का समय भी नहीं बचा है।

 

यहां कराए जा रहे विकास कार्य
तीन दिवसीय भीमनगरी आयोजन के कारण ग्यासपुरा, शाहगंज क्षेत्र में विकास कार्य शुरू हो चुके हैं। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने बताया कि भीमनगरी में विकास कार्य शिब्द साहनी नगर, सागर वाली गली, पृथ्वीनाथ, तमोलीपाड़ा, प्रकाश नगर, रामनगर, चंदन नगर, नगला गंगाराम और प्रेम नगर में कराए जा रहे हैं। नगर निगम 5.50 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराएगा। इनमें सड़कों, गलियों, नालियों का निर्माण कार्य और बिजली के काम कराए जा रहे हैं। स्ट्रीट लाइटों के लिए 50 लाख रुपये अलग से खर्च होंगे।
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1996 में शुरू हुआ था भीमनगरी आयोजन
भीमनगरी की शुरूआत वर्ष 1996 में ईदगाह कुतलूपुर से की गई थी, जिसका उद्घाटन बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की पत्नी डॉ. सविता आंबेडकर ने की थी। महामंत्री श्याम जरारी ने बताया कि वर्ष 1957 से जारी आंबेडकर शोभायात्रा को जनकपुरी की तर्ज पर विस्तार देने के लिए यह आयोजन शुरू किया गया था जो सामाजिक, सांस्कृतिक उत्सव के साथ बस्तियों में विकास की पहचान बन गया। बसपा ने इस महोत्सव को प्रमुखता दी। तीन बार बसपा अध्यक्ष मायावती इसका उद्घाटन कर चुकी हैं। बसपा सरकार के दौरान वर्ष 2008 में कोटली बगीची की भीमनगरी में 150 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। भीमनगरी में पूर्व प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और कैबिनेट मंत्री आ चुके हैं। वर्ष 2000 में पूर्व पीएम वीपी सिंह और एचडी देवगौड़ा आ चुके हैं तो 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने उद्घाटन किया था।
 
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