छात्र-छात्राओं को सिखाए संस्कार
दीक्षांत समारोह में उन्होंने संस्कारों पर भी बल दिया। छात्रों से कहा कि वह अपने माता- पिता को न भूलें। गुरुओं को सम्मान करें। मातृभाषा को लेकर उन्होंने कहा कि जो शिक्षा दी जाए तो मातृभाषा होगी। उन्होंने अपने संबोधन में इंदौर के गोबर प्लांट का भी जिक्र किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने छात्रों को मेडल प्रदान किये। इसके अलावा राज्यपाल ने कार्यक्रम में आये परिषदीय विद्यालयों के छात्रों को पुस्तक और स्वल्पाहार वितरित किया।
64 छात्र-छात्राओं दी गई दीक्षा
राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में बीवीएससी के कुल 64 छात्र-छात्राओं (44 छात्र और 20 छात्राओं) को दीक्षा दी। एमवीएससी के 22 छात्र और 8 छात्राओं को स्नाकोत्तर उपाधि, 8 छात्रों और 1 छात्रा को डॉक्टरेट उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा बीवीएससी के छात्रों को उनके योग्यता अनुसार गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया।
कॉलेज ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी के कुल 24 छात्र-छात्राओं (12 छात्र और 12 छात्राओं) को कुलाधिपति दीक्षा प्रदान की गई। इसके अलावा 1 छात्र और 2 छात्राओं को डाक्टरेट की उपाधि से नवाजा गया। दीक्षांत समारोह में कुल 130 छात्र-छात्राओं (87 छात्र और 43 छात्राओं) को उपाधि प्रदान की गई। उपाधि और मेडल के अलावा दीक्षांत समारोह में छात्र-छात्राओं को विभिन्न पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जाएगा गया।
पशु चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं द्वारा संबधित विषयों में अधिकतम उत्तीर्ण अंकों के आधार पर तीन पुरस्कार जानकीनाथ मदान मेमोरियल, गोल्ड मेडल, डॉ. पीजी पांडेय अवार्ड (पैथोलॉजी), डॉ. जितेंद्र कुमार अवार्ड (शरीर क्रिया विज्ञान) और वाइस चांसलर गोल्ड मेडल अवार्ड दिए गया। स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं को मेरिट के आधार पर गोल्ड, सिल्वर और वाइस चांसलर मेडल से सम्मानित किया गया।
बताया जा रहा है कि दीक्षांत समारोह के बाद राज्यपाल मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में दर्शन करने भी जा सकती हैं। हालांकि अभी उनके इस कार्यक्रम की आधिकारिक सूचना नहीं है।